पेड़ काटने को लेकर हुए हमले से सम्बन्धित 19 साल पुराने वाद का जिला जज ने किया निस्तारण

उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय (दैनिक कर्मभूमि) चित्रकूट: पेड़ काटने के विवाद में हुए हमले के मामले के 19 साल से विचाराधीन वाद का निस्तारण जिला जज विष्णु कुमार शर्मा ने कर दिया है। जिसमें दोष सिद्ध होने के बाद उम्रदराज आरोपियों द्वारा भविष्य में कोई अपराध न करने के साथ याचना किए जाने पर जिला जज ने तीन सगे भाईयों समेत चर लोगों को एक वर्ष की सदाचरण परिवीक्षा के आदेश के साथ रिहा करने के आदेश दिए है।

जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी श्यामसुन्दर मिश्रा ने बताया कि बीती 25 अपै्रल 2003 को सूखे महुए के पेड़ गिरने के बाद बहिलपुरवा थाने के सेमरदहा गांव के सुरेश, अवधेश, भोंडी पुत्रगण कोदू व मुन्ना पुत्र अवधेश कटवा रहे थे। इस दौरान वादी मुकदमा देवराज पुत्र रामदास विश्वकर्मा ने मौके पर जाकर पेड़ काटने से मना किया। इस पर पेड़ कटवा रहे चारों लोगों ने देवराज पर हमला कर दिया। बचाव में आने पर उसकी पत्नी व पुत्री को भी गाली-गलौच करते हुए मार-पीट की। पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद आरोपियों के विरूद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।

बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद जिला जज विष्णु कुमार शर्मा ने आरोपियों को धारा 307 में दोष मुक्त पाया। जबकि धारा 323 व 504 के तहत दोषी करार दिया था, किन्तु आरोपियों में 76 वर्षीय अवधेश, 63 वर्षीय सुरेश, 62 वर्षीय भोंडी ने न्यायालय से अपनी उम्र का हवाला देते हुए परिवीक्ष अधिनियम का लाभ देने की गुहार लगाई थी। जिसके बाद जिला जज ने चारों आरोपियों को दो-दो हजार रूपए अर्थदण्ड के साथ एक-एक साल की सदाचरण परिवीक्षा में इस शर्त के साथ रिहा करने के आदेश दिए कि एक वर्ष की अवधि के दौरान शान्ति कायम रखते हुए सदाचारी बने रहेंगे और यह शर्त भंग होेेने पर न्यायालय द्वारा दिए गए दण्डादेश को भोगे जाने के लिए न्यायालय में उपस्थित होंगे। साथ ही अर्थदण्ड की धनराशि इस मामले के वादी देवराज व उसकी पत्नी लक्षमिनिया को बराबर-बराबर देने के आदेश दिए गए हैं।

 

*ब्यूरो रिपोर्ट* अश्विनी कुमार श्रीवास्तव

*जनपद* चित्रकूट

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