उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय (दैनिक कर्मभूमि) लखनऊ,04 मार्च 2021 आगामी अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर बेहतर भविष्य के लिये महिलाओं को प्रेरित करने के लिये तमाम महिलाओं की प्रेरणादायक वास्तविक कहानियों को ‘ग्रेट थिंग्स हैपन वैन वी मूव’ अभियान के जरिये तीन फिल्मों में पेष की गयी है। यह कहानियां प्रेरणास्पद जीवनगाथाओं को प्रदर्शित करती हैं और देश में बदलाव लाने के उत्प्रेरक के रूप में कंपनी की प्रतिबद्धता तथा ब्रैंड पार्टनरशिप को साकार करती हैं। राष्ट्र निर्माण में सहयोग देने और इस दिषा में सक्रिय एवं भरोसेमंद भागीदार की भूमिका निभाने वाली शैल इण्डिया की ओर शुरू किये गये इस अभियान अनेक भारतीयों के लिए, उनके वाहन उनके तथा उनके परिजनों के लिए सामाजिक आर्थिक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।‘ग्रेट थिंग्स हैपन वैन वी मूव’ ऐसा कैम्पेन है जो महत्वाकांक्षाओं को साकार करने के लिए जरूरी अदम्य साहस तथा प्रोत्साहित करने वाले व्यवहारों को सामने लाता है और इसके लिए सिर्फ एक आसान उपाय है, आगे बढ़ना। यह कैम्पेन इंटरनेशनल विमेन्स डे के मौके पर लॉन्च किया गया है और उन महिलाओं को प्रेरित करता है जो मोबिलिटी की अपनी राह में लगातार बड़ी चुनौतियों का सामना कर रही हैं। शैल इंडिया अपने अध्ययन के दौरान कुछ ऐसे उपभोक्ताओं तक पहुंची जो अपने सपनों को साकार करने की राह में आत्मविश्वास के साथ बढ़ रहे हैं और साथ ही, कैम्पेन के केंद्र में हैं यानी वे महिलाएं हैं। शैल इंडिया का नया कैम्पेन भारतीय महिलाओं को जीवन में निरंतर आगे बढ़ते रहने का संदेश दमदार तरीके से देने के लिए इन तीन प्रेरणास्पद महिलाओं की सफलता की कहानी लेकर आया है। ये हैं योगिता रघुवंशी जो कि भारत की पहली महिला ट्रक ड्राइवर है, गीता टंडन जो कि बॉलीवुड की प्रसिद्ध स्टंटवुमैन है और सुमित्रा सेनापति, जो विमेन ऑन वांडरलस्ट की संस्थापक हैं। इन फिल्मों का प्रमुख संदेश यही है कि लोगों को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ने के लिए मोबिलिटी को अपनाना होगा और यह महिलाओं के मामले में खासतौर से महत्वपूर्ण है। डीन अरगॉन, सीईओ, शैल ब्रैंड्स इंटरनेशनल एवं ग्लोबल वाइस प्रेसीडेंट, ब्रैंड, ने कहा, ’’भारत असीम ऊर्जा वाला देश है और यहां ऐसे संकल्पशील स्वप्नद्रष्टा हैं जो यह मानते हैं कि आने वाला कल आज से बेहतर होगा। हमें यह अहसास है कि,दुनिया में सर्वाधिक विविधिकृघ्त ऊर्जा कंपनियों में से एक, शैल अपने उन्नत उत्पादों एवं सेवाओं को उपलब्ध कराते हुए भारत की भरोसेमंद भागीदार हो सकती है। हमारा नया ब्रैंड कैम्पेन ‘ग्रेट थिंग्स हैपन वैन वी मूव’हमारी इसी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अध्ययन से एक महत्वपूर्ण बात जो सामने आयी वह यह है कि देश के विकास से जुड़े सभी पहलुओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के बावजूद महिलाएं आज भी सीमित मोबिलिटी की चुनौती का सामना करती हैं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के पूर्व जारी इस कैम्पने के जरिए हम हर महिला को आगे बढ़ने और अपने लिए मोबिलिटी को साकार करने के मकसद से प्रेरित करना चाहते हैं, और यह आगे बढ़ना सिर्फ शारीरिक स्तर पर गतिशीलता तक ही सीमित नहीं है बल्कि उनकी सामाजिक-आर्थिक मोबिलिटी की ओर भी इशारा करता है। ये तीनों फिल्में इन तीन सफल महिलाओं की जीवनगाथा पर आधारित हैं, और मोबिलिटी इनमें से हरेक कहानी के मूल में है। पहली फिल्म भारत की पहली महिला ट्रक ड्राइवर योगिता रघुवंशी के जीवन पर आधारित है जो अपने पति की मृत्यु के बाद सिंगल मां होने की जिम्मेदारियों से घिरकर कानून के क्षेत्र में अपना कॅरियर नहीं बना सकी थीं। दूसरी फिल्म गीता टंडन के जीवन का जश्न है जो अपने वैवाहिक जीवन की बुराइयों की जंग जीतकर उससे बाहर निकली और फिर खुद को तथा अपने बच्चों को सपोर्ट करने के लिए उन्होंने कई क्षेत्रों में किस्मत आजमायी। तीसरी फिल्म ट्रैवल एक्सपर्ट सुमित्रा सेनापति के जीवन पर है जो विमेन ऑन वॉन्डरलस्ट पर आधारित है और महिलाओं को दुनियाभर में 50 से अधिक मंजिलों की सैर के लिए प्रेरित करती हैं।
रिपोर्टर सिद्धार्थ त्रिवेदी रायबरेली
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