बेसिक स्कूलों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है-जिलाधिकारी

उत्तर प्रदेश (दैनिक कर्मभूमि) कानपुर/उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा परिषदीय विद्यालयों का कायाकल्प करने के लिए आज चंद्रशेखर आजाद कृषि प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के कैलाश भवन में मंडलीय गोष्ठी का आयोजन किया गया।गोष्ठी में प्रमुख रूप से कानपुर मण्डल के आयुक्त डॉ.सुधीर एम बोबडे, जिला अधिकारी डॉ ब्रह्मदत्त तिवारी,राज्य परियोजना निदेशक विजय किरन आनंद,नगर विकास अधिकारी,मंडलीय बेसिक शिक्षा अधिकारी के.सी.भारती समेत सभी 6 जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, एसआरजी, एआरपी उपस्थित रहे।गोष्ठी को संबोधित करते हुए राज्य परियोजना निदेशक विजय किरन आनंद ने बताया कि प्रदेश सरकार ने सूबे के सभी परिषदीय विद्यालयों को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनायें बनाई है।जिसमें प्रेरणा ऐप को वर्ष 2022 तक सभी बेसिक स्कूल में लागू करना,ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत स्कूलों के बुनियादी ढांचे को संवारना आदि है।उन्होंने जिलाधिकारी के माध्यम से सभी विद्यालयों में प्रेरणा ऐप को लागू करने के लिए कहा।साथ ही सभागार में मौजूद सभी लोगो को शपथ दिलाई की वह सभी इसे लागू कराएंगे।इस ऐप को लेकर कुछ संघठनो द्वारा फैलाई जा रही भ्रान्तियों को दूर किया जाएगा।यूनिसेफ द्वारा विकसित इच्छा ऐप के माध्यम से सपोर्टिंग सुपरविजन की व्यवस्था को अतिक्रमित करते हुए नवीन प्रेरणा गुणवत्ता मॉड्यूल लागू किया जा रहा है।जिसमे प्रेरणा ऐप के अंतर्गत विद्यालयों की शैक्षिक गुणवत्ता को सुधारना,विद्यालय का वातावरण संवारना,लर्निंग आउटकम परीक्षा कराना तथा उसका आंकलन करना,भारत सरकार द्वारा विकसित निष्ठा पोर्टल पर शिक्षकों के लिए शिक्षा मॉड्यूल तैयार करना, दीक्षा ऐप के द्वारा पाठ्य पुस्तक पर अंकित क्यू आर कोड के माध्यम से बच्चों का अधिगम स्तर सुधारना आदि शामिल है। उन्होंने बताया कि निष्ठा ऐप का प्रक्षिक्षण आगमी तीन महीनों में सभी विद्यालयों में कराया जाना है।प्रेरणा ऐप के अंतर्गत तीन पुस्तकें आधार शिला, ध्यानाकर्षण और शिक्षण संग्रह लायी गयी है जो बेसिक शिक्षा विभाग की किसी गीता, कुरान और बाइबल से कम नही है।प्रदेश सरकार द्वारा मिशन कायाकल्प जारी है जिसके अन्तर्गत सभी विद्यालयों का सौन्द्रीयकरण कराया जा रहा है। सभी स्कूलों की कक्षाओं में टाइल्स युक्त जमीन,बैठने के लिए फर्नीचर,हैंड वाशिंग युक्त टोटी,साफ पानी,दीवारों की पेंटिंग,शौचालय की क्रियाशीलता, मिड डे मील की रसोई घर को सभी व्यवस्थाओ युक्त बनाना, विद्यालय परिसर में हरियाली लाना आदि शामिल है। यह योजना ग्राम प्रधान के माध्यम से लागू की गई है।जिसमे अभी तक कई विद्यालयो का काया कल्प किया भी जा चुका है।गोष्ठि में बताया गया कि प्रत्येक जिले से एआरपी को चयनित कर उन्हें प्रक्षिक्षण दिया गया है लेकिन अभी भी 180 पद रिक्त है। जिसमें शिक्षकों का चयन करना बाकी है। यह सभी इन योजनाओं को अपने जिले में लागू कराने के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने बताया कि मानव संपदा पोर्टल को भी लागू किया जा चुका है।जिसमे शिक्षको का पूरा डाटा मौजूद है जो स्वतःअपडेट होता रहेगा।इस पोर्टल के माध्यम से शिक्षकों का सेवा विवरण,समस्त प्रकार के अवकाश,सेवा पुस्तिका, जीपीएफ,चरित्र-पंजिका, प्रक्षिक्षण,पेंसन आदि सभी कार्यो हेतु त्वरित एवं पारदर्शी व्यवस्था की गई है।

जिलाधिकारी डॉ ब्रह्मदत्त तिवारी ने गोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार बेसिक स्कूलों के स्तर को बेहतर बनाने के लिए अथक प्रयास कर रही है।बहुत सी योजनाए लागू की गई है लेकिन वह सभी सफल तभी हो सकती है जब एक साथ मिलकर सभी इसमें एकजुट होंगे।उन्होंने कहा कि बेसिक स्कूलों में प्रतिभाओ की कोई कमी नही है।अब तो स्कूलों का इंफ्रास्ट्रक्चर भी प्राइवेट स्कूलों से बेहतर बनाया जा रहा है। यदि लगन और निष्ठा से थोड़ा प्रयास किया जाए तो हमारे गावँ के बच्चे बहुत आगे निकल सकते है।उन्होंने कहा कि प्रशासन स्तर से टीम गठित कर परिषदीय विद्यालयों का स्तर सुधारने का काम लगातार किया जा रहा है और यह आगे भी जारी रहेगा।इस अवसर पर जिला व्यायाम  व्यायाम शिक्षक विकास तिवारी,एबीएसए जगदीश श्रीवास्तव शालनी रणंजय सिंह,राजेश यादव अभय सिंह,पुष्पेंद्र आदि समस्त मौजूद रहे।

रिपोर्ट आकाश चौधरी कानपुर