उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय(दैनिक कर्मभूमि)चित्रकूट।13 मार्च 2022 को राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई एक दो तीन एवं चार के सात दिवसीय विशेष शिविर का समापन हुआ इस अवसर पर कार्यक्रम में मुख्य अतिथि माननीय कुलपति महोदय जगतगुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय चित्रकूट उत्तर प्रदेश रहे l कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती का दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण कर किया गया,स्वयंसेवकों ने सरस्वती वंदना की, तथा सरस्वती वंदना के उपरांत मुख्य अतिथि का स्वागत माल्यार्पण एवं स्वागत गीत के साथ किया गया l मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में बताया कि स्त्री को सृजन की शक्ति माना जाता है अर्थात स्त्री से ही मानव जाति का अस्तित्व माना गया है। इस सृजन की शक्ति को विकसित-परिष्कृति कर उसे सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक न्याय, विचार, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, अवसर की समानता का सु-अवसर प्रदान करना ही नारी सशक्तिकरण का आशय है।
महिलाओं में उस शक्ति का प्रवाह होता है, जिससे वो अपने जीवन से जुड़े हर फैसले स्वयं ले सकती हैं और परिवार और समाज में अच्छे से रह सकती हैं। समाज में उनके वास्तविक अधिकार को प्राप्त करने के लिए उन्हें सक्षम बनाना बहुत आवश्यक हैl प्राचार्य डॉ राजेश कुमार पाल ने सात दिवसीय विशेष शिविर में स्वयंसेवकों द्वारा किए गए कार्यों को सराहा तथा कार्यक्रम अधिकारियों के कुशल निर्देशन को भी सराहना की l राष्ट्रीय स्वयंसेवकों अजय, ज्योति, कीर्ति, पूजा, मंजू, आराधना,ने इस अवसर पर लक्ष्य गीत भाषण कविता नाटक एवं नृत्य आदि कार्यक्रम प्रस्तुत किए l
इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी डॉ वंश गोपाल, डॉ हेमन्त बघेल तथा डॉ गौरव पाण्डेय उपस्थित थे lधन्यवाद ज्ञापन डॉ सीमा कुमारी ने किया।
*ब्यूरो रिपोर्ट* अश्विनी कुमार श्रीवास्तव
*जनपद* चित्रकूट
You must be logged in to post a comment.