उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय (दैनिक कर्म भूमि) कानपुर।योगी सरकार द्वारा पेश किए गए जन आकांक्षी बजट में समाज के सभी वर्गों,गांव,गरीब,किसान,श्रमिक,नौजवानों,महिलाओं,स्वास्थ्य आदि के विकास पर पूरा ध्यान दिया गया है।लेकिन बच्चों को सुशिक्षित करते हुए उन्हें राष्ट्र के लिए गढ़ने वाले शिक्षकों की पूरी तरह अनदेखी की गई है।हर सहाय जगदम्बा सहाय इन्टर कॉलेज में प्रवक्ता और उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ चंदेल गुट में जिला संरक्षण समिति के अध्यक्ष सर्वेश तिवारी ने शिक्षकों की पीड़ा बताते हुए कहा कि,”शिक्षा है अनमोल रतन,पढ़ने का सब करो जतन” का मूल मंत्र तो सरकार अंगीकार कर रही है,किंतु आश्चर्यजनक रूप से उसको क्रियान्वित करने वाले शिक्षकों की तरफ उपेक्षा पूर्ण व्यवहार करती जा रही है।वर्षों से पढ़ा रहे तदर्थ शिक्षकों का नियमितीकरण,राज्य कर्मचारियों की तरह चिकित्सा सुविधा ,वित्तविहीन शिक्षकों ,जो बेहद कम वेतन पर वर्षों से पढ़ा रहे है को सम्मानित मानदेय देने पर योगी सरकार से शिक्षकों को बड़ी उम्मीदें थी।किसी देश की तरक्की में शिक्षा का अहम स्थान है और शिक्षक उस राह के पथ – प्रदर्शक होते है।
संवाददाता आकाश चौधरी कानपुर
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