पोस्टर, पंपलेट दिखा टीबी के प्रति लोगों को करेगें जागरूक

उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय(दैनिक कर्मभूमि)चित्रकूट।टीबी चैंपियन क्षय रोग के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर करते हुए लोगों को जागरूक करेंगे। इसके लिए वह पोस्टर, पंपलेट का सहारा लेंगे। सोमवार को 12 टीबी चैंपियन को इस आशय का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के बाद मुख्य चिकित्साधिकारी ने आईईसी मैटेरियल का अनावरण किया।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. भूपेश द्विवेदी ने बताया कि प्रशिक्षण में टीबी चैंपियंस को प्रशिक्षण में बताया गया है कि टीबी के मरीजों को जागरूक करें कि एक बार इलाज शुरू होने पर बीच में दवा कदापि न बंद करें। ऐसा करने से टीबी गंभीर होकर एमडीआर का रूप ले लेती है। एमडीआर होने पर दवा अधिक समय तक खानी पड़ती है। मरीजों को बताए कि टीबी की दवा तभी बंद करें, जब चिकित्सक इसकी सलाह दे। इसके साथ टीबी मरीज के ज्यादा समय तक समीप रहे हर व्यक्ति की टीबी जांच अवश्य कराएं। ऐसे व्यक्ति को टीबी प्रिंवेटिव थेरेपी के तहत बचाव के लिए दवा खानी है। जिला क्षय रोग अधिकारी डा बी के अग्रवाल ने बताया कि टीबी चैंपियन समाज के प्रभावशाली लोगों के बीच पंपलेट व अन्य आईईसी सामग्री लेकर टीबी के लक्षणों के बारे में बताएंगे। प्रेरित करेंगे कि टीबी के लक्षण वाले व्यक्ति सरकारी अस्पताल में निःशुल्क जांच कराएं और यदि टीबी की पुष्टि होने पर शीघ्र ही इलाज शुरू करें। ऐसी जानकारी प्रशिक्षण में दी गयी है। इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा इम्तियाज अहमद, वल्र्ड विजन इंडिया संस्था के जिला समुदाय समन्वयक अतुल गुप्ता, टीबी चैम्पियन आदि मौजूद रहे।
—-यह हैं टीबी के लक्षण—-
डीटीओ ने बताया कि अगर लगातार दो हफ्ते से खांसी आए, बलगम में खून आए, रात में बुखार के साथ पसीना आए, तेजी से वजन घट रहा हो, भूख न लगे तो यह टीबी के लक्षण हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में नजदीकी जांच केंद्र पर टीबी जांच निःशुल्क करवाएं। जांच में टीबी की पुष्टि हो तो पूरी तरह ठीक होने तक इलाज लें।
—-आईईसी से देंगे ऐसे संदेश—-
टीबी एक संक्रामक रोग है, यह इलाज से पूरी तरह ठीक हो जाता है। केवल फेफड़े की टीबी ही संक्रामक है। जब टीबी ग्रसित व्यक्ति असुरक्षित तरीके (मुंह में बिना रुमाल, मास्क लगाए) से खांसता या बोलता है तो हवा के माध्यम से दूसरे को संक्रमण होता है।

*ब्यूरो रिपोर्ट* अश्विनी कुमार श्रीवास्तव
*जनपद* चित्रकूट