बाल वैज्ञानिकों ने दिखाई प्रतिभा

उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय (दैनिक कर्मभूमि) कानपुर बच्चों में प्रतिभा की कमी नहीं है। उन्हें तराशने की जरूरत है। जिस प्रकार एक कुम्हार मिट्टी को तराश कर विभिन्न प्रकार की आकृति बनाता है है ठीक उसी तरह गुरु विद्या के मंदिर में शिष्य को ज्ञान रूपी आकार देकर तैयार करता है।यह बातें मंगलवार को यूपीएस सजारी विद्यालय की प्रधानाध्यापिका निहारिका सिंह ने आयोजित विज्ञान प्रदर्शनी मेला में कही। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में जब शिक्षा का स्तर ठीक रहेगा तो निश्चित रूप से विद्यार्थी अपने लक्ष्य को आसानी से हासिल कर सकता है। गौरतलब इससे पहले कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। विज्ञान मेला में कक्षा 5 से लेकर 8 तक के विद्यार्थियों ने अपने-अपने प्रोजेक्ट और मॉडल को प्रस्तुत किया।बच्चो ने विलुप्त जीव डायनासोर,राफेल,जैविक खेती,बिना ईंधन से चलने वाली जेसीबी मशीन, जल संरक्षण,सहित टेबल पर विभिन्न प्रकार की विज्ञान से जुड़ी प्रर्दशनी लगाई । जिसमे से प्रथम पुरस्कार ग्रास कटर गौरव, द्वितीय पुरस्कार जेसीबी हाइड्रोलिक जेड, तृतीय पुरस्कार रोवर सैटेलाइट लांचर साथी स्पेशल प्रिंस इस रो प्रोजेक्ट बनाने वाले विद्यार्थियों ने बाजी मारी।वही विजेताओ को मुख्य अतिथि एआरपी प्रशांत ने विजेताओं को प्रतीक चिन्ह मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।उन्होंने कहा कि विज्ञान प्रदर्शनी में जिस प्रकार से छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शनी लगाई है, वह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम से छात्र-छात्राओं में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा बढ़ती है। इस प्रदर्शनी से छात्र-छात्राओं का बौद्धिक विकास होगा।इस अवसर पर ऋष सक्सेना पूनम पांडे,प्रोगाम ऑर्गेनाइजर सत्येंद्र यादव,एमआईएस ऑफिसर मोहित बैरागी,कदम एक्सीलेटर अंजना यादव और नंदलाल तिवारी उपस्थित रहे।

संवाददाता आकाश चौधरी कानपुर