उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय (दैनिक कर्मभूमि) चित्रकूट भरतकूप क्षेत्र में मानक विहीन खदानों का संचालन खुलेआम हो रहा है, जिससे अब तक कई हादसे हो चुके हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खनिज अधिकारी अवैध खदान मालिकों से मोटी रकम लेकर उन्हें खुली छूट दे रहे हैं। जिससे खदानों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी हो रही है और मौतें लगातार बढ़ रही हैं।ताजा मामला गाटा संख्या 1078 के खंड 38 का है, जहां एक पोकलैंड मशीन दुर्घटना का शिकार हो गई। इस घटना में मशीन का ऑपरेटर अभी तक लापता है। सूत्रों का कहना है कि ऑपरेटर और हेल्पर दोनों की मौत हो चुकी है, लेकिन खदान मालिक ने शवों को घटनास्थल से गायब करवा दिया। यह घटना खनन के जोखिमों और सरकारी उदासीनता को उजागर करती है।कुछ स्थानीय लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि खदान में हुए हादसे के बाद खदान मालिक ने आधे घंटे में ही शवों को एक डंपर में डालकर मुरम के साथ गायब करवा दिया। वहीं, खदान के मैनेजर का दावा है कि मशीन खाली थी और कोई जनहानि नहीं हुई।सूत्रों के अनुसार, खदान का मालिक झांसी प्लांट का एक बड़ा नेता है जो भाजपा से जुड़ा है। इसी कारण, खदान में मानकों का उल्लंघन और सरकारी अधिकारियों की अनदेखी लगातार जारी है। भरतकूप के भोरा, बजनी, और गोंडा क्षेत्र में भी इसी प्रकार के अवैध खनन से स्थानीय लोग परेशान हैं।स्थानीय लोग पूछ रहे हैं कि आखिर सरकार और खनिज अधिकारी कब तक इस लुका-छुपी के खेल को नजरअंदाज करते रहेंगे। सवाल यह भी है कि क्या योगी सरकार अवैध खनन से हो रही मौतों पर सख्त कार्रवाई करेगी या इसी तरह से मानकों की अनदेखी होती रहेगी ।
रिपोर्टर पंकज सिंह राणा चित्रकूट
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