मेजरमेंट बुक से अधिक भुगतान का मामला, जल्द होगा वित्तीय अनियमितता का बड़ा खुलासा

उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय (दैनिक कर्मभूमि) चित्रकूट। विकासखंड कर्वी के सीतापुर ग्रामीण के मजरा मनोहरगंज में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत चल रही एसएलडब्ल्यूएम (सॉलिड लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट) परियोजना बर्मी कंपोस्ट में बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, इस परियोजना में कई कार्यों का मापन उचित तरीके से नहीं किया गया है, फिर भी ठेकेदारों को तय सीमा से अधिक भुगतान कर दिया गया। यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है, और जनता के बीच इसे लेकर आक्रोश है।सूत्रों के अनुसार, एसएलडब्ल्यूएम परियोजना में एमबी (मेजरमेंट बुक) में माप से अधिक कार्य दिखाकर भुगतान किया गया है। कहा जा रहा है कि इस परियोजना में किए गए कार्यों का मापन बिना किसी तकनीकी जांच के ही किया गया, जिससे ठेकेदारों को मनमाने ढंग से भुगतान हो गया। अधिकारियों की लापरवाही और मिलीभगत का आरोप लग रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी फैल गई है।इस परियोजना के तहत जिन कार्यों को स्वीकृति दी गई थी, उनमें से कई अधूरे हैं या गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं हैं। मनोहरगंज के निवासियों का आरोप है कि ठेकेदारों को दिए गए पैसे का उपयोग सही ढंग से नहीं किया गया और काम अधूरा छोड़ दिया गया। लोगों ने जिला प्रशासन से इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है ताकि दोषियों को सजा दी जा सके।यह घोटाला सामने आने के बाद जिले में प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि स्वच्छ भारत मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजना में इतनी अनियमितता कैसे हो सकती है, और यदि इस पर कोई कार्रवाई नहीं होती है, तो अन्य परियोजनाओं में भी भ्रष्टाचार का खतरा बना रहेगा।

पत्रकार ठाकुर पंकज सिंह राणा चित्रकूट