उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय (दैनिक कर्मभूमि) चित्रकूट। विकासखंड के ग्राम पंचायत भारतपुर में मनरेगा के तहत हुए काम का पैसा फंसने का मामला सामने आया है। यहां सचिव और ठेकेदार पर गंभीर आरोप लगे हैं। महिला ग्राम प्रधान की मौत के बाद ग्राम प्रधान के बेटे ने गांव के विकास कार्यों के लिए लगातार सचिव से संपर्क साधा, लेकिन सचिव और ठेकेदार ने उसकी कोई सुनवाई नहीं की।भारतपुर ग्राम पंचायत में मनरेगा योजना के अंतर्गत कई कामों का ठेका दिया गया था। कार्यों के पूरा होने के बाद ठेकेदार ने भुगतान करवाया, पर ग्राम प्रधान लड़के को इसका लाभ नहीं मिला। ग्राम प्रधान लड़के के अनुसार, सचिव और ठेकेदार ने मिलकर उनके हक का पैसा ले लिया है, जिससे प्रधान के लड़के को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।इस मामले में पूर्व महिला प्रधान के लड़के ने मीडिया से न्याय की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि भ्रष्टाचार का खेल ऊपर से नीचे तक फैला हुआ है और उसका हक नहीं मिल पा रहा है। सचिव और उच्च अधिकारियों पर ठेकेदार से बंधा हुआ कमीशन का आरोप भी लगाया गया है।कुछ महीने पहले ही पूर्व महिला ग्राम प्रधान की बीमारी के चलते मौत हो चुकी है, जिसके बाद प्रधान के बेटे ने कार्यभार संभाला। लेकिन सचिव और ठेकेदार के रवैये से परेशान होकर उन्होंने कई बार फोन लगाया, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।माना जा रहा है कि मनरेगा के तहत भारतपुर में हुए भ्रष्टाचार का खुलासा जल्द हो सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले में अधिकारियों की निष्क्रियता से गांव के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
पत्रकार ठाकुर पंकज सिंह राणा चित्रकूट
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