राजस्थान राष्ट्रीय (दैनिक कर्मभूमि) बारां छीपाबड़ौद भारतीय किसान संघ के अथक प्रयासों से और भारतीय किसान संघ के नव निर्वाचित छिपाबड़ोद तहसील अध्यक्ष ओम नागर आंचोलिया और भारतीय किसान संघ के प्रचार प्रमुख एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपेंद्र मालव देवरी जोध आदि ने लहसुन मंडी में पहुंचकर किसानों व्यापारियों एवं अधिकारियों से वार्तालाप कार लहसुन मंडी में ढेरों गल्लों की नीलामी बोली पुनः शुरू करवाई गई जिससे सभी किसान भाइयों ने खुशी जताई क्योंकि पहले किसानों को लहसुन मंडी में चाहे एक ट्रॉली से अधिक को एक बिट बढ़ाओ या दो कट्टे 10 कट्टी पांच कट्टी भी लहसुन लेकर आना पड़ता था और अपने लहसुन की नीलामी बोली सिर्फ ट्रैक्टर ट्रॉली में ही लगवानी पड़ती थी जिसमें कई किसान भाईयों को अधिक से अधिक पैसा खर्च करना पड़ता था क्योंकि दो कट्टे लहसन बेचने आने वाला किसान भी ट्रैक्टर किराए से करता था 20 कट्टे बेचने वाला भी या 50 कटी बेचने वाला भी किसान किराए का ट्रैक्टर लाता था जो 1000 से लेकर 15 सो रुपए तक किराया चुकाना पड़ता था जिससे अब किसानों को निजात मिल गई है और किसान भाइयों का माल लहसुन अब खुले में ढेर होकर बिकेंगे जो ट्रैक्टर ट्रॉली वालों ने लंबे समय से ट्रैक्टर ट्रॉली किराए से लगा देते थे अब बिल्कुल बंद हो जाएगी।अखिल भारतीय किसान संघ छिपाबड़ोद के मीडिया प्रभारी व सामाजिक कार्यकर्ता वार्ड पंच उपेंद्र मालव ने जानकारी देते हुए बताया है कि छिपाबड़ोद लहसुन मंडी में लहसुन के ढेरों की बिक्री वापस चालू करवाई गई है जिसमें भारतीय किसान संघ से जुड़े पदाधिकारी छिपाबड़ोद ब्लॉक अध्यक्ष ओम नागर आंचोलिया ने बताया है कि लहसुन मंडी मैं वापस ढेरों की बिक्री चालू कराई गई है सामाजिक कार्यकर्ता उपेंद्र धाकड़ ने बताया है कि भारतीय किसान संघ के सभी पदाधि कारियों ने मंडी समिति से बात करके वापस ढेरों की बिक्री चालू करवाई गई कई दिनों से बंद की ढेरों की बिक्री जिसे लेकर क्षेत्र के क्षेत्र के किसानों को काफी राहत मिली है मंडी समिति से बातचीत की और किसानों को ढेरों के लिए उचित जगह दी जाएगी जिसे लेकर अभी मंथन चल रहा है लेकिन धाकड़ ने बताया है कि जल्दी ही सभी समस्याओं का समाधान जल्दी ही किया जाएगा किसानों को ढेरों के लिए जगह तीन सेट के अंदर ही दी जाए इस पर अभी मंथन चल रहा है लेकर वह समय-समय पर संबंधित अधिकारियों से बातचीत करते रहेंगे किसानों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होने देंगे और जिन किसानों के पास दो या तीन कट्टी लहसुन बच जाने पर किसान के लिए वह एक समस्या बन जाती जिसे लेकर किसान मंडी के बाहर बैठे बिचौलिय सस्ते दामो मैं खरीदते थे जिससे किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा था मंडी समिति द्वारा ढेरों की बिक्री बंद किए जाने से किसानों को काफी नुकसान हुआ है।
रिपोर्टर कुलदीप सिंह सिरोहीया बारां छीपाबड़ौद 9521669762
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