उत्तर प्रदेश (राष्ट्रीय दैनिक कर्मभूमि) लखनऊ
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधान परिषद में स्थानीय प्राधिकारी क्षेत्र के 36 सदस्यों के चुनाव टल गए हैं। अब विधानसभा चुनाव के साथ विधान परिषद के चुनाव नहीं होंगे।
राज्य निर्वाचन आयोग ने विधान परिषद के चुनाव को विधानसभा चुनाव के बाद कराने की फैसला लिया है। इस संबंध में आयोग ने रविवार को आदेश जारी कर दिए हैं। इस घोषणा से राजनीतिक दलों ने राहत की सांस ली है। उत्तर प्रदेश में विधान परिषद के चुनाव की तारीख को आगे बढ़ा दिया गया है। अब विधान परिषद के चुनाव में मतदान एक ही चरण में होगा।
अब विधान परिषद के चुनाव के लिए अब 15 मार्च को नामांकन के लिए अधिसूचना जारी होगी। नामांकन पत्र भरने की आखिरी तारीख 22 मार्च है। नौ अप्रैल को मतदान होगा, जबकि 12 अप्रैल को इसके परिणाम आएंगे।
उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग का मानना है कि विधान सभा चुनाव में राजनीतिक दलों की व्यस्तता के कारण विधान परिषद की तारीखों को को बदला गया है। विधानसभा के साथ विधान परिषद के चुनाव को एक साथ कराना राज्य निर्वाचन आयोग के लिए बड़ी चुनौती था। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए आयोग ने तारीख को आगे बढ़ा दिया है।
बता दें 28 जनवरी, 2022 को विधान परिषद में स्थानीय प्राधिकारी क्षेत्र के 36 सदस्यों के चुनाव के लिए कार्यक्रम घोषित किया था। यह चुनाव दो चरणों में होने थे, जबकि मतगणना एक साथ 12 मार्च को कराई जानी थी। स्थानीय प्राधिकारी क्षेत्र की इन सीटों का मतदान विधान सभा चुनाव के छठे व सातवें चरण के मतदान वाले दिन ही हो रहा था, लेकिन अब चुनाव आयोग ने इसे टाल दिया है। मुरादाबाद-बिजनौर, रामपुर-बरेली, बदायूं, पीलीभीत-शाहजहांपुर, हरदोई, खीरी, सीतापुर, लखनऊ-उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़, सुलतानपुर, बाराबंकी, बहराइच, आजमगढ़-मऊ, गाजीपुर, जौनपुर, वाराणसी, मीरजापुर-सोनभद्र, इलाहाबाद, बांदा-हमीरपुर, झांसी-जालौन-ललितपुर, कानपुर-फतेहपुर, इटावा-फर्रुखाबाद, आगरा-फिरोजाबाद, मथुरा-एटा-मैनपुरी, अलीगढ़, बुलंदशहर, मेरठ-गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर-सहारनपुर, गोंडा, फैजाबाद, बस्ती-सिद्धार्थनगर, गोरखपुर-महराजगंज, देवरिया व बलिया स्थानीय प्राधिकारी क्षेत्र।
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