उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय (दैनिक कर्मभूमि) चित्रकूट: जनपद चित्रकूट के नगर पालिका के अंतर्गत मुहल्ले एसडीएम कालोनी के शास्त्री नगर में गन्दगी और अंधेरे के आलम के चलते मुहल्ले वासी पेरशान है। साफ-सफाई और कीटनाशक छिड़काव के अभाव में संक्रामक रोग पैर पसार रहे हैं। वार्ड की नालियाँ कूड़े से बजबजा रही हैं, गली में लगी लाइटे बन्द पडी हैं, सप्लाई का पानी भी ऐसा जैसे किसी ने गोबर घोल दिया हो। दिन ढलते ही जहरीले सांप रोड पर आ जाते हैं, रोड लाइट न होने से लोग मोबाइल या टार्च की रोशनी में चलने को मजबूर हैं। सफाई के नाम पर पूरे वार्ड में एक सफाई कर्मचारी को ही तैनात किया गया है, जो कभी-कभार ही आता है।
नगर पालिका में शामिल होने के बाद भी स्थिति भयावह है जिम्मेदारो की गैर जिम्मेदारी लोगों को खासी अखर रही है लोगों में नाराजगी व्याप्त है यदि समय रहते शासन प्रशासन ने कोई ठोस कदम नही उठाया तो लोग धरना प्रदर्शन को बाध्य होंगे। वार्ड निवासी पुष्पाकर द्विवेदी, कमलाकान्त द्विवेदी, रामप्रताप यादव, बाबूलाल यादव आदि का कहना है कि बजट आने के बाद भी मुहल्ले की स्थिति अत्यन्त दयनीय है। सामाजिक पर्यावरण चिन्तक सर्वेश यादव का कहना है कि ग्राम पंचायत से मुक्त होकर नगर पालिका में शामिल होने के बाद मुहल्ले वासियों में इस बात की खुशी थी कि अब इस मुहल्ले के दिन बहुरेंगे सड़क, नालियाँ, रोड लाइट, पीने का पानी, सड़क पर लटकते बिजली के तार सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त हो जाएंगी, किन्तु एक साल से भी ज्यादा का समय हो रहा है। नगर पालिका द्वारा अभी तक कोई सुधार न होना प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ के स्वच्छ और सुन्दर उत्तर प्रदेश के नारे की करनी कथनी में भेद पैदा कर रहा है, जो एक चिंतनीय और सोंचनीय विषय है। इस पर सुधार की जरूरत है।
*ब्यूरो रिपोर्ट* अश्विनी कुमार श्रीवास्तव
*जनपद* चित्रकूट
You must be logged in to post a comment.