उत्तर प्रदेश ( राष्ट्रीय दैनिक कर्मभूमि)जौनपुर
जौनपुर ( सिरकोनी)जिले के सिरकोनी विकासखंड के गयासपुर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय आश्रम पद्धति बालिका इंटर कॉलेज बना हुआ है।जिम्मेदारों के उदासीनता के चलते समान समय में तमाम बदहाली से जूझ रही है छात्राएं ना शिक्षक हैं ना खाने की व्यवस्था सरकार के दावे फेल?
संवाददाता द्वारा जब इस विद्यालय की हकीकत जानने के लिए विद्यालय पहुंचे तो वहां की स्थिति बेहद चिंताजनक रही जानकारी के अनुसार इस विद्यालय में 172 छात्र हैं रजिस्टर्ड है और यहां पर 21 शिक्षकों की मूलभूत आवश्यकता है लेकिन 3 शिक्षकों के सहारे ही यह विद्यालय संचालित हो रहा है शिक्षकों का अभाव में 6 से 10 तक की कक्षाएं संचालित की जाती है वर्तमान स्थिति भी राम भरोसे चल रही है संचालित कक्षाओं की छात्राओं को एक ही कमरे में बैठाया गया था और शिक्षिकाएं नदारद थी और साफ सफाई की व्यवस्था जोकि बेहद चिंताजनक स्थिति है ।
जब प्रधानाचार्य से वर्तमान विद्यालय की स्थिति के बारे में जानकारी ली गई तब उन्होंने बताया कि यहां पर एक कई शिक्षकों की आवश्यकता है जबकि वर्तमान में मात्र 3 शिक्षकों की नियुक्ति विद्यालय में हुई है इसके समाज कल्याण विभाग को कई बार पत्र लिखा जा चुका है पर कोई कार्यवाही नहीं होती है जिससे छात्रों के पठन-पाठन में बहुत समस्याएं आती हैं जब एक ही क्लास के संचालन के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि इसमें 6 से 10 तक के छात्रों को एक साथ पढ़ाया जा रहा है कम बच्चों के बारे में बताया कि खाने की व्यवस्था अभी उपलब्ध नहीं हो पाई है जिसके लिए छात्रों की संख्या बहुत कम उपलब्ध है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री लगातार शिक्षा व्यवस्था हो या अन्य क्षेत्र उसमें अपनी तमाम उपलब्धियां गिनाते रहते हैं लेकिन वही जिले के जिला समाज कल्याण अधिकारी के घोर लापरवाही के कारण आश्रम पद्धति विद्यालय में खाने के टेंडर ना होने के कारण छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है टेंडर ना होने की वजह से दूर से आने वाली छात्राएं विद्यालय में नहीं आ रही है उनका पठन-पाठन कार्य भी बाधित हो रहा है जबकि विद्यालय 1 जुलाई से संचालित हो रहा है उसके पहले सभी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ कराएं लेना चाहिए लेकिन समाज कल्याण विभाग को किसी का भय नहीं है ऐसे में जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्यवाही होती है या नहीं जांच का विषय है
समाज कल्याण अधिकारी से आश्रम पद्धति विद्यालय में नियमित कक्षाएं संचालित ना होने व खाने की व्यवस्था के बारे में पत्रकारों के पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि इस विद्यालय में 21 शिक्षकों की आवश्यकता है लेकिन वर्तमान में 3 ही शिक्षक है शिक्षकों की संख्या बढ़ाने के लिए शासन को पत्र लिखा गया लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई साथियों ने बताया कि खाने के टेंडर के लिए जेम पोर्टल द्वारा टेंडर कराया गया है जल्द ही सभी व्यवस्थाएं सुदृढ़ कर ली जाएंगी।
You must be logged in to post a comment.