विकास कार्यों में नहीं होनी चाहिए किसी प्रकार की लापरवाही – डीएम

उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय (दैनिक कर्मभूमि) चित्रकूट: जिलाधिकारी अभिषेक आनन्द की अध्यक्षता में 50 लाख रुपए से अधिक लागत के निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक गुरूवार को संबंधित कार्यदाई संस्थाओं के अधिकारियों के साथ कलेक्ट्रेट सभागार में हुई।

जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड सत्येंद्र नाथ को निर्देश दिए कि जो सर्किट हाउस का निर्माण कराया जाना है, उसकी अच्छी ड्राइंग के अनुसार कराएं। नई सड़कों के निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण पर कहा कि सड़कों के निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण कराए जाएं, जिन सड़कों के निर्माण में वन विभाग की एनओसी की आवश्यकता है, उसमें प्रभागीय वनाधिकारी से संपर्क करके कार्यवाही सुनिश्चित कराएं ताकि कार्यों को समय से शुरू कराया जा सके। सेतुओ के निर्माण पर सेतु निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यों पर तेजी लाई जाए। ग्रामीण अभियंत्रण सेवा के कार्यों की प्रगति अधिशासी अभियंता के जनपद में नियुक्त न होने के कारण ठीक नहीं है। इस पर जिलाधिकारी ने परियोजना निदेशक डीआरडीए को निर्देश दिए कि मेरी तरफ से शासन को अधिशासी अभियंता की नियुक्ति के लिए पत्र भेजवाया जाए। उन्होंने जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी को निर्देश दिए कि नवीन मानसिक मंदिर आश्रय गृह प्रशिक्षण केंद्र के निर्माण एवं नवीन संकेत जूनियर हाई स्कूल का मौके पर निरीक्षण करके प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराएं।

जिलाधिकारी ने लक्ष्मण पहाड़ी के कार्य, राजकीय महाविद्यालय पाही, मल्टीपरपज कांप्लेक्स, पर्यटन सुविधा केंद्र, रूबन अजीबिकामिशन केंद्र सोनेपुर, उद्यमिता विकास केंद्र मऊ, बाल एवं महिला संप्रेक्षण गृह, नंदी गौशाला नरैना खेड़ा, संयुक्त जिला चिकित्सालय में डायलिसिस यूनिट का निर्माण, किसान कल्याण केंद्र कर्वी, टिकरा में राजकीय हाई स्कूल का निर्माण, कसहाई में बरात घर का निर्माण, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय पहाड़ी, भरतकूप के पर्यटन विकास का कार्य, विकास भवन का निर्माण कार्य, राजकीय पालीटेक्निक मानिकपुर, राजकीय डिग्री कॉलेज मानिकपुर एवं तुलसीदास डिग्री कॉलेज कर्वी में शिक्षण कक्ष एवं कंप्यूटर कक्ष का निर्माण, ड्रग वेयरहाउस, नगर पंचायत भवन मऊ, नवीन संकेत जूनियर हाई स्कूल का निर्माण कार्यों की समीक्षा की। जिलाधिकारी ने समस्त कार्यदाई संस्थाओं के अधिकारियों को निर्देश दिए जो भी विकास कार्य कराया जाए, शासन की मंशा के अनुरूप और गुणवत्तायुक्त होना चाहिए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होना चाहिए। निर्माण कार्यों पर तेजी से कार्य करें, जिन कार्यों में धनराशि नहीं है उसके लिए शासन से पत्राचार भी किया जाए।

इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी अमित आसेरी, जिला विकास अधिकारी आरके त्रिपाठी, परियोजना निदेशक ऋषि मुनि उपाध्याय, डीसी मनरेगा धर्मजीत सिंह, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी राजदीप बर्मा, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड सत्येंद्र नाथ, पर्यटन अधिकारी शक्ति सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी लव प्रकाश यादव , जिला प्रोबेशन अधिकारी रामबाबू विश्वकर्मा सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

 

*ब्यूरो रिपोर्ट* अश्विनी कुमार श्रीवास्तव

*जनपद* चित्रकूट