*सरदार पटेल की जयंती पर जन शिक्षण संस्थान में किए कई कार्यक्रम*

*बच्चों के बीच एकता की शपथ के साथ हुआ दौड़ एवं सांस्कृतिक आयोजन*

उत्तर प्रदेश(दैनिक कर्मभूमि) चित्रकूट: कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित तथा दीनदयाल शोध संस्थान द्वारा संचालित जन शिक्षण संस्थान चित्रकूट द्वारा देश की एकता और अखंडता के प्रतीक आधुनिक भारत के शिल्पकार महान स्वतंत्रता सेनानी भारतरत्न सरदार वल्लभभाई पटेल के जन्मदिवस को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में धूमधाम से परमानंद आश्रम पद्धति विद्यालय तथा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में मनाया गया। जिसमें सर्वप्रथम कार्यकारी निदेशक जन शिक्षण संस्थान राजेंद्र सिंह, विद्यालय के प्रधानाचार्य वरुण त्रिपाठी व राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की शिक्षिका अलका जायसवाल ने लौह पुरुष के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
शिक्षक संतोष कुमार ने उनके जीवन वृत पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए उनके जीवन से सीख लेने की बात कही।
कार्यकारी निदेशक जन शिक्षण संस्थान चित्रकूट ने कहा कि सरदार पटेल की शिक्षा का प्रमुख स्रोत उनका स्वाध्याय था। वह किसानों के सच्चे हितैषी थे, उनके पास अपने खुद का मकान भी नहीं था। वह अहमदाबाद में एक किराए के मकान में रहते थे। वर्ण भेद तथा वर्ग भेद के कट्टर विरोधी थे। बारडोली सत्याग्रह का नेतृत्व करने और उसमें सफलता मिलने के कारण वहां की महिलाओं ने उन्हें सरदार की उपाधि दी थी। हमें उनके जीवन से यही सिखने को मिलता है कि हमारी कथनी एवं करनी में विभेद नही होना चाहिए।
इस दौरान सभी को एकता शपथ दिलाई गई। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की शिक्षिका अलका जायसवाल ने बताया कि सरदार पटेल प्रारंभिक जीवन से ही अन्याय सहन नहीं करते थे, वह अन्याय का विरोध स्कूल के दिनों में ही करने लगे थे। स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात देसी रियासतों को एकीकरण कर अखंड भारत के निर्माण में उनका सबसे महत्वपूर्ण योगदान रहा है। जिसके कारण उन्हें लौह पुरुष कहा जाता है।
कार्यक्रम में विद्यालय के बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गए। साथ ही बच्चों द्वारा एकता दौड़ का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन उमेश शुक्ला ने किया। इस मौके पर अनिल कुमार सिंह, प्रभाकर मिश्र, बनारसी लाल पांडेय, जितेंद्र सिंह सहित दोनों विद्यालयों के बच्चे एवं शिक्षक उपस्थित रहे।

*ब्यूरो रिपोर्ट* अश्विनी कुमार श्रीवास्तव
*जनपद* चित्रकूट