उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय (दैनिक कर्मभूमि) कानपुर। आयुष क्षेत्र से जुड़े छात्र-छात्राओं और चिकित्सकों की लंबित समस्याओं को लेकर इंडियन आयुष एसोसिएशन ने अब मुखर रुख अपनाया है। इसी क्रम में एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनम्र सिंह ने बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन से मुलाकात कर विभिन्न मुद्दों पर हस्तक्षेप की मांग की।मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि वर्ष 2021 बैच से आयुष छात्रों के पुनर्मूल्यांकन और उत्तरपुस्तिका देखने की व्यवस्था बंद कर दी गई है,जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। साथ ही प्राइवेट कॉलेजों के इंटर्न छात्रों को वजीफे में असमानता का सामना करना पड़ रहा है,जिससे आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।एसोसिएशन ने प्रदेश में आयुष अस्पतालों की संख्या बढ़ाने, स्थायी भर्ती करने और जिला अस्पतालों में आयुष चिकित्सकों के पद बढ़ाने की भी मांग की। इसके अलावा नेक्स्ट परीक्षा को लेकर आयुष और एलोपैथ छात्रों के बीच समानता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।चिकित्सकों से जुड़े मुद्दों में आयुष सीएचओ का पदनाम बदलकर एमओ (आयुष) करने, वेतन वृद्धि,पीबीआई के साथ वेतन विलय तथा पेंशन और सामाजिक सुरक्षा लाभ लागू करने की मांग प्रमुख रही।राज्यपाल ने सभी मांगों को गंभीरता से लेते हुए आयुष मंत्रालय को पत्र भेजने का आश्वासन दिया। एसोसिएशन का कहना है कि ये समस्याएं राष्ट्रीय स्तर की हैं और इनके समाधान के लिए ठोस पहल जरूरी है।
संवाददाता आकाश चौधरी कानपुर