जिलाधिकारी के निर्देशो को ठेंगा दिखाकर गौचर व चारागाह की जमीन पर बनाई गई कॉलोनिया

उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय (दैनिक कर्मभूमि) चित्रकूट। जिला में इन दिनों सरकारी जमीन पर भू माफियाओं की नजर है और किसी ना किसी बहाने से भू माफियाओं के द्वारा गुपचुप रूप से शुल्क लेकर सरकारी जमीन को कब्जा कराने का नया नया फार्मूला खोजा जा रहा है यदि हम बात करें कर्वी विकासखंड के ग्राम पंचायत अकबरपुर की तो शायद आपको पता ही होगा कि भरतकूप कस्बे की शासकीय जमीन लगातार ग्राम प्रधान के द्वारा प्रधान की कुर्सी पर बैठते ही गिद्ध की तरह नजर पड़ती है और वह बेचना शुरू कर देता है यदि हम राजस्व विभाग की बात करें तो तानाशाह ग्राम प्रधानों के आगे राजस्व अमला भी आज तक कार्यवाही सिर्फ कागजों पर ही करता नजर आया है बल्कि शिकायत कर्ताओं के ऊपर फर्जी मुकदमा भले ही ग्राम प्रधानों के द्वारा किसी ना किसी महिला या पुरुष आदिवासी को अगवा करके लिखवा दिया जाता है ताकि ग्राम प्रधान के द्वारा बेची जा रही शासकीय जमीन को आसानी से किस्तों पर लोगों को बेचा जा सके और लोग आवाज ना उठाएं खैर यह तो हमने ग्राम प्रधानों की उपलब्धि बताई जो ग्राम प्रधानों के द्वारा अभी तक किया गया ।

आपको बता दे अकबरपुर ग्राम पंचायत के बुद्ध नगर डफाई का प्रकाश में आया है जहां चारागाह की गाटा संख्या 791 की आरक्षित जमीन पर अब ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव के द्वारा राजस्व विभाग से साठगांठ करके प्रधानमंत्री आवास निर्माण कार्य कराने का सिलसिला शुरू करा दिया गया है जबकि सुप्रीम कोर्ट ने ग्राम पंचायतों में चरागाह की भूमि को सुरक्षित रखने के सख्त निर्देश दिए हैं । वही ग्राम प्रधान की तानाशाही के आगे सुप्रीम कोर्ट के आदेश का भी कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। वही जिलाधिकारी की बात करे तो लगातार जिलाधिकारी द्वारा जिले के उच्च अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए जा रहे है कि किसी भी दिशा में गौचर,खलिहान व तालाब की जमीनों में कब्जा न होने पाएं।

सूत्रों की माने तो कहना है कि वर्तमान ग्राम प्रधान तानाशाही रवैए का प्रधान है। और उसके द्वारा शासन प्रशासन के किसी भी दिशा निर्देश और गाइडलाइन का पालन करना अपने स्वाभिमान के खिलाफ समझता है । जब प्रधानी चुनाव में प्रधान जी के द्वारा नामांकन फॉर्म भरा गया था तभी लोगों को आश्वासन दिया गया था कि विगत प्रधानों ने जो कार्य आज तक नहीं करवाए वह कार्य मैं कराऊंगा और चाहे जिसका भी आदेश हो चारागाह की जमीन पर आप लोग आसानी से अपने प्रधानमंत्री आवास बना सकेंगे जिसके बाद लगातार चारागाह की जमीन व शासकीय ग्राम पंचायत की जमीन पर ग्राम प्रधान व राजस्व विभाग से सांठगांठ करके लोगों के द्वारा कब्जा किया जा रहा है। जबकि उत्तर प्रदेश की सूबे की सरकार भू माफियाओं के खिलाफ एंटी रोमियो के माध्यम से लगातार कार्रवाई करने की बात कह रही है और बताया जा रहा है कि सूबे की सरकार में भू माफियाओं के हौसले पस्त हैं लेकिन आप अकबरपुर ग्राम पंचायत का भ्रमण कर देख सकते हैं कि ग्राम पंचायत की जमीन पर लगातार किस अंदाज में अतिक्रमण किया जा चुका है और किया जा रहा है कार्यवाही की बात करें तो कार्रवाई सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गई हैं यदि वास्तविक कार्यवाही हुई होती तो शायद ग्राम पंचायत की जमीन सुरक्षित होती।

 

*रिपोर्ट* पंकज सिंह राणा

*जनपद* चित्रकूट

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