लीलाधार की दिखाई लीला तो बुरा मान गए साहब योगी सरकार में तानाशाह अधिकारी पत्रकार को भेजा नोटिस

चित्रकूट। जिला के विकास खंड कर्वी में सेवा दे रहा अधिकारी की तानाशाही चर्चा का विषय बना हुआ है विकासखंड में जॉइंट विकास खंड अधिकारी की पोस्ट पर लीलाधर शुक्ला नाम का एक अधिकारी सेवा दे रहा है जिसकी चर्चा इन दिनों जिले में भ्रष्टाचारी के नाम पर लोगों के जुबान में सुनने को मिल रहा है शहर के चौक चौराहों से लेकर गांव की गली-गली तक भ्रष्टाचारी की चर्चाएं आम जनता की जुबान के ऊपर बनी हुई है यह तो न्यायालय ही निर्णय दे सकेगा कि भ्रष्टाचारी अधिकारी के द्वारा शासन की कितनी योजनाओं को ठिकाने लगाते हुए सरकार की धन राशि का बंदरबांट किया गया है 2017 में भ्रष्टाचार के मामले में यह पाक साफ अधिकारी निलंबित भी हो चुका है।

ग्रामीणों का आरोप पीएम आवास योजना में पाक साफ अधिकारी ले रहा कमीशन दे रहा योजनाओं का लाभ –

भले ही जॉइंट खंड विकास अधिकारी अपने आप को पाक साफ साबित करने के लिए पत्रकारों की आवाज दबाने के लिए मानहानि के दावे के साथ नोटिस भेजी जा रही है लेकिन वास्तविक रुप से यदि इस भ्रष्ट अधिकारी की जांच कर दी जाए तो स्पष्ट हो जाएगा कि अधिकारी कितना पाक साफ है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री व जिलाधिकारी को लिखित शिकायत करते हुए बताया कि पाक साफ अधिकारी के द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ उन अपात्र लोगों को दिए जाने का काम किया जा रहा है जो जॉइंट विकास खंड अधिकारी को योजनाओं का लाभ लेने से पहले आर्थिक लाभ पहुंचा देता है और यही सच्चाई को दिखाने के लिए जब पत्रकार ने खबरों के माध्यम से जॉइंट वीडियो लीलाधर की लीला दिखाई तो साहब को बुरा लग गया और साहब ने पत्रकार की कलम को रोकने के लिए मानहानि की धमकी के साथ पत्रकार के घर नोटिस भेज दी लेकिन यह नोटिस पत्रकार अश्विनी श्रीवास्तव को ना देकर उसके परिवार के लोगों तक पहुंचा दी गई है।

*सारा मामला ये है* – ग्रामपंचायत दुगवा निवासी ग्रामीणों ने चित्रकूट जिला अधिकारी को दिनांक 18 जनवरी 2023 को एक पत्र लिखते हुए बताया है कि ग्राम पंचायत के अंतर्गत अपात्र लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया गया है जबकि पात्र लोग आज भी दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है जॉइंट वीडियो लीलाधर शुक्ला के द्वारा अपात्र लोगों को सरकार की महती योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है जो खुशियांना तौर पर साहब को पहले से कमीशन के रूप में उनका भुगतान कर देते हैं उनका ही आवास में नाम साहब के द्वारा खुशी मन से साबित कर दिया जाता है शासन की गाइडलाइन की किसी भी तरह की कोई जांच नहीं की जाती ग्रामीणों ने यह भी उल्लेख किया है कि लीलाधर शुक्ला के द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना में लाभ मिलने वाले लोगों के यहां वसूली करने के लिए एजेंट के रूप में भी कुछ लोग रखे गए हैं जो गांव में वसूली करते हैं। ग्रामीणों ने लिखित शिकायत में यह भी कहा कि गांव में लीलाधर शुक्ला के एक रिश्तेदार निवास करते हैं जिनके द्वारा लगातार वसूली की जाती है। इन्हीं सब खबरों के माध्यम से प्रकाशन किया गया तो साहब को बात रास नहीं आई और साहब अपने आप को पाक साफ साबित करने के लिए पत्रकार को ही नोटिस दी जाती है।

सरकार की गाइडलाइन क्या है-

प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देने वाले लोगों के पास किसी भी तरह का कोई पक्का मकान सरकारी नौकरी फ्रिज दो पहिया वाहन ज्यादा जमीन सिंचाई की व्यवस्था आदि आदि ऐसी कई बातों का जिक्र किया गया है जिनके पास होने पर वह प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता में नहीं आते हैं। लेकिन महोदय के पास कमीशन पहुंचते ही महोदय सरकार की गाइडलाइन को भूल जाते हैं और फिर अपनी गाइडलाइन चालू कर अपनी लीला दिखाना शुरू कर देते हैं और योजनाओं का लाभ 50% अपात्र लोगों के खाते में दे दिया जाता है एक ओर जहां अपात्र लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देकर सरकार की राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है तो दूसरी तरफ जिम्मेदार अधिकारी अपने जिम्मेदारियों को घूस लेने पर भूल जाते हैं और शासन की गाइडलाइन का पालन न करते हुए अपात्र लोगों को योजनाओं का लाभ दे दिया जाता है।

पत्रकार ने दिखाई लीला तो बुरा मान गए शाहब –

कर्वी में तैनात जॉइंट वीडियो की पत्रकार ने जब ग्रामीणों की हुई शिकायत पर लीला दिखाना शुरू किया तो साहब को अपनी लीला देखना रास नहीं आई और साहब ने पत्रकार को धमकाने के लिए कोर्ट के वकील से नोटिस भेज दिया जिसमें मानहानि का जिक्र भी साहब के द्वारा कर डाला गया है। जबकि वास्तविक रूप से यदि जांच की जाए तो साहब कितने पाक साफ हैं यह देखा जा सकेगा वहीं पत्रकार की मांग है कि आज तक जिन जिन स्थानों में पाक साफ अधिकारी की नियुक्ति की गई है उन सभी जगहों के कार्यों की वास्तविक रूप से जांच की जाए यदि मैं दोषी पाया जाता हूं तो मुझ पर कार्रवाई की जाए पत्रकार काम है सच्चाई को दिखाना ना की किसी से व्यक्तिगत दुश्मनी निभाना लेकिन साहब को शायद रास नहीं आया और साहब अब पत्रकार को नोटिस भेजकर धमकी देने का काम शुरू कर दिए हैं।

भ्रष्ट अधिकारी के ऊपर सरकारी राशि के बंदरबांट का लग चुका है आरोप –

लीलाधर जब अपनी पूर्व में लीला इटखरी ग्राम पंचायत में दिखाई थी तो इनके ऊपर सरकारी राशि गबन के आरोप के मामले में एफ आई आर दर्ज हुई थी और भ्रष्ट अधिकारी निलंबित भी हुए थे प्रथम दृष्टा यही साबित हो गया है कि महोदय कितने पाक साफ हैं यदि महोदय इतने पाक साफ होते तो गबन के मामले में इनके ऊपर मुकदमा दर्ज ना हुआ होता यह जरूर है कि महोदय निलंबित हुए और सांठगांठ करके पुनः बहाल हो गए और हाई कोर्ट की शरण में जाकर महोदय ने अपनी लीला दिखाते हुए स्टे आर्डर ले लिया है बताया जा रहा है कि एक स्टे की समय अवधि समाप्त हो जाने के बाद महोदय ने दोबारा इसलिए लिया है जिसकी समयावधि बहुत ही नजदीक फरवरी 2023 है यदि महोदय इतने पाक साफ होते तो फिर इसकी नौबत ही क्यों आती यहां से स्पष्ट अंदाजा लगाया जा सकता है कि महोदय कितने पाक साफ है जो अपने आप को पाक साफ साबित करने के लिए एक पत्रकार को नोटिस भेज रहे हैं यह तो स्पष्ट हो चुका है कि ऐसे पाक साफ अधिकारी जिले में ना होंगे जिनके ऊपर गबन का मामला लगने के बाद महोदय नोटिस लेकर अपने आप को दूध के धुले साबित करना चाह रहे हैं। यह अब कोर्ट का निर्णय आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि महोदय कितने पाक साफ है या भ्रष्टाचारी

योगी जी आखिर कब तक ऐसे भ्रष्ट अधिकारी दिखाते रहेंगे लीला –
उत्तर प्रदेश के सूबे की सरकार जहां लगातार भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई के सख्त निर्देश दे रहे हैं यहां तक कि मुख्यमंत्री स्वयं एक्शन पर है और लगातार भ्रष्टाचारियों पर कार्यवाही कर रहे हैं तो वही आपको बतादें कि चित्रकूट जिला में एक ऐसा ही भ्रष्टाचारी अधिकारी तैनात है जो अपनी लीला विकासखंड से लेकर गांव के कोने-कोने तक दिखा रहा है वही अब देखने वाली बात यह होगी कि ऐसे भ्रष्टाचारियों को कब तक सफेदपोश धारियों का संरक्षण मिलता रहेगा या फिर इनके कारनामों की जांच कर इनके ऊपर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

*ब्यूरो रिपोर्ट* अश्विनी कुमार श्रीवास्तव
*जनपद* चित्रकूट

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