उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय (दैनिक कर्मभूमि) रवीन्द्र नाथ टैगोर मार्ग स्थित मध्य भारत हिंदी साहित्य समिति के सभागार में लोकप्रिय खेल क्रिकेट पर लिखी गई पुस्तक ” भारत के टॉप 10 क्रिकेट कप्तान ” का विमोचन समारोह संपन्न हुआ। वरिष्ठ खेल लेखक शरद श्रीवास्तव द्वारा लिखी गई किताब का विमोचन एवं लोकार्पण हिंदी के मशहूर क्रिकेट कमेंटेटर ‘ पद्मश्री ‘ सुशील दोशी ने किया। इस अवसर पर बोलते हुए श्री दोशी ने हिंदी क्रिकेट कमेंट्री की वर्तमान दशा पर गहरी चिंता व्यक्त की। मूल रूप से अंग्रेजी में सोचने वाले जब हिंदी भाषा में आंखों देखा हाल सुनाते हैं तो उनकी भाषा में वह सहज प्रवाह नजर नहीं आता जो कि हिंदी कमेंट्री की पहचान हुआ करता था। किताब ” भारत के टॉप 10 क्रिकेट कप्तान” की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि कप्तानों के जय पराजय के आंकड़ों के साथ साथ भारतीय क्रिकेट की राजनीति और पर्दे के पीछे के महत्वपूर्ण घटनाक्रम पर जिस तरह लेखक की पैनी नज़र रही है , वह इस किताब की खासियत है। किताब के लेखक शरद श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में अपनी चार दशकों की लेखन यात्रा के विभिन्न पड़ावों का ज़िक्र करते हुए प्रिंट मीडिया के सामने आ रही चुनौतियों पर भी बात की । किताब ” भारत के टॉप 10 क्रिकेट कप्तान” के बारे में उन्होंने बताया कि सबसे बड़ी समस्या अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में भारत का नेतृत्व कर चुके 44 कप्तानों में से दस सर्वश्रेष्ठ कप्तानों के चुनाव की रही । अंततः कप्तान के व्यक्तिगत प्रदर्शन, उसके जीत हार के रिकार्ड तथा विशेषकर विदेशी भूमि पर बतौर कप्तान उसके प्रदर्शन के आधार पर सर्वश्रेष्ठ दस नामों का चयन हुआ । समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मध्य प्रदेश मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस मनोहर ममतानी और विशिष्ट अतिथि के रूप में अवकाश प्राप्त न्यायमूर्ति जस्टिस आई एस श्रीवास्तव मौजूद रहे। इनके अलावा कार्यक्रम में प्रमुख रूप से लेखक नलिन खोईवाल, लक्ष्मी कांत पंडित, उदित तिवारी, रवि लोहिया, राघव श्रीवास्तव, अर्चना, विजेता , शेफाली, रोहित सिंह तथा गोविन्द उपस्थित रहे। संचालन निकिता ने किया और अंत में शशांक श्रीवास्तव ने आतिथ्य को धन्यवाद ज्ञापन किया।
रिपोर्टर विनोद दीक्षित मथुरा
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