उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय (दैनिक कर्मभूमि) कानपुर। आंखों की जटिल बीमारियों के उपचार और अत्याधुनिक शल्य चिकित्सा की नई तकनीकों से चिकित्सक रूबरू हुए। कानपुर ऑप्थेल्मिक सोसायटी की ओर से रविवार को होटल लिटिल शेफ में कोस्कोन 2026 ‘कॉन्स्टेलेशन : जहां सभी सितारे एक साथ मिलते हैं’ सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें देशभर से आए नामी नेत्र विशेषज्ञों ने आधुनिक उपचार पद्धतियों और चिकित्सकीय अनुभवों को साझा किया।सोसायटी की अध्यक्ष डॉ. संगीता शुक्ला और सचिव डॉ. आकांक्षा सिन्हा के नेतृत्व में आयोजित सम्मेलन का उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ. ज्योतिरमय बिस्वास ने किया। सम्मेलन में मोतियाबिंद, कॉर्निया, ग्लूकोमा, आंखों में सूखेपन, रेटिना और दृष्टि सुधार संबंधी शल्य चिकित्सा समेत विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने कम समय में महत्वपूर्ण चिकित्सकीय अनुभव और उपयोगी उपचार संबंधी जानकारी साझा की।‘नेत्र चिकित्सा के मार्गदर्शक प्रकाश’ सत्र में डॉ. ज्योतिरमय बिस्वास, डॉ. महेश पी. शनमुगम और डॉ. जावेद अली ने जटिल एवं रोचक मामलों पर चर्चा की। क्षय रोग से जुड़ी आंखों की समस्या, आंसू की नलिकाओं के उपचार का इतिहास और यूवाइटिस जैसे विषय भी चर्चा के केंद्र में रहे।
ऑनलाइन सत्र में पोलैंड की डॉ. जोफिया नावरोका ने उल्टे आंतरिक सीमित झिल्ली फ्लैप तकनीक के दस वर्षों के परिणामों पर व्याख्यान दिया। इसके अलावा आंखों के उपचार और सूखी आंखों से संबंधित नई तकनीकों की जानकारी भी दी गई।
सम्मेलन में डॉ. सोनू गोयल, डॉ. देवेंद्र माहेश्वरी, डॉ. स्वाति तोमर, डॉ. मालविका धर, डॉ. मनीष महेंद्र, डॉ. मोहिता शर्मा, डॉ. स्वाति सिंह, डॉ. दिलप्रीत सिंह, डॉ. ए.एम. जैन, डॉ. वी.पी. सिंह, डॉ. अनिता ठाकुर, डॉ. आर.जी. गुप्ता, डॉ. शशांक श्रीवास्तव और डॉ. अभिषेक चंद्रा समेत कई विशेषज्ञ मौजूद रहे। मंच संचालन डॉ. मोहित खत्री, डॉ. उमा अग्रवाल और डॉ. मनीष महेंद्र ने किया।
संवाददाता आकाश चौधरी कानपुर