राजस्थान (दैनिक कर्मभूमि) बारा छिपाबड़ोद कर्मचारियों को पाबंद कर पानी की गुणवत्ता में सुधार के लिए सैंपल लिए छिपाबड़ोद जल्द अधिकारियों के द्वारा छिपाबड़ोद कस्बे वासियों ने बताया कि लगातार नलों से टपक रहा गंदा एवं मटमैला पानी जिसे पीने को लोग मजबूर हैं लेकिन क्या करें गंदा और मटमैला बदबूदार पानी को पीने की भी मजबूरी है वही जानकारी में सामने आया है कि गंदा पानी पीने से कई लोगों को गंभीर बीमारी होने का अंदेशा भी लगा रहता है लेकिन जलदाय विभाग की लगातार बढ़ती जा रही लापरवाही को देखते हुए लोगों ने फिर भी कई बार संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारियों को इससे अवगत कराया गया जिस पर कर्मचारियों द्वारा लाइनों को सही करवाने का आश्वासन देकर अपनी गली निकाल लेते हैं और कस्बे वासियों को वापस फिर एक-दो दिन छोड़कर उसी गंदे और मटमैला पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ता है छिपाबड़ोद तहसील मुख्यालय स्थित कस्बा क्षेत्र का ऐसा कोई एरिया नहीं होगा जिसमें गंदा और मटमैला बदबूदार पानी नहीं आता होगा।
कर्मचारियों को पाबंद कर पानी की गुणवत्ता में सुधार के लिए सैंपल लिए जलदाय विभाग छीपाबड़ौद शहरी जलयोजना छीपाबडौद पर पानी के 25 सेम्पल लिये गये व जिला मुख्यालय बारां लैब में पानी जाँच के लिए पानी की रिपोर्ट मानक दण्डो सही पाई गई। ल्हासी डेम प्रोजेक्ट पर निरीक्षण किया और कर्मचारियों को पाबंद कर पानी की गुणवत्ता में सुधार के लिए बोला गया। कनिष्ठ अभियंता मनीष गौतम ने बताया कि दिनांक 5 नवंबर 2020 से पानी के बकाया बिल के लिए एक अभियान युद्ध स्तर पर चलाया जाएगा जिसमें बकाया बिल जमा नहीं कराने पर कनेक्शन काटने की कार्यवाही की जाएगी जिसकी समस्त जिम्मेदारी उपभोक्ता की स्वयं होगी कोई भी उपभोक्ता रोड पर व्यर्थ में पानी का दुरुपयोग करते हुआ पाया गया तो उस पर कानूनी कार्यवाही की जावेगी अतः पानी का अनावश्यक रूप से दुरुपयोग ना करें।
रिपोर्टर कुलदीप सिंह सिरोहीया बारां छीपाबड़ौद
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