उत्तर प्रदेश ( दैनिक कर्मभूमि)जौनपुर
जौनपुर। दण्डी स्वामी ब्रह्मेन्द्रानन्द सदाशिव सरस्वती जी दैनिक कर्मभूमि संवाददाता से वार्ता के दौरान बताया कि संन्यासी तों परिव्राजक होते ही हैं। वे भ्रमणशील रहकर समाज को ज्ञान से और सनातन धर्म से आलोकित कराते रहते हैं जिससे समाज में सनातन धर्म व परंपरा बच सकें। दण्डी स्वामी जी ने बताया की आज के समय में इंटरनेट युग हों गया है। इंटरनेट युग में भी इसका सही उपयोग सत्संग व धर्म,वेद जैसी जानकारी उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने कहा की अनेक संत वाट्सएप, टीवी, यूट्यूब इत्यादि के माध्यम से भी योग वेदांत का ज्ञान नियमित प्रसारित कर रहे हैं।बहुत से लोग व्यंग के रूप में व्हाट्सएप का प्रयोग करते हैं कुछ लोग विश्वविद्यालय संबोधन करने के लिए इंटरनेट का प्रयोग करते हैं। सरस्वती महाराज ने बताया व्हाट्सएप समूह के माध्यम से भी वास्तविक सत्संग होता है इसमें भौतिक विश्व विद्वानों की भांति नियमित कक्षाएं आयोजित हो रही हैं जिससे आम जन तक जुड़कर आसानी से अपनी बात पहुंचा सकें।इसी क्रम में अक्षय सन्निधानम् वाट्सएप समूह और इसी नाम के फेसबुक पेज का अवलोकन किया जा सकता है उन्होंने बताया कि डेढ़ वर्ष से योग वेदांत सत्संग ज्योतिष पीठ के दंडी स्वामी ब्रह्मेन्दानंद सदाशिव सरस्वती जी के प्रवचन की अविरल धारा बह रही है उन्होंने बताया कि व्हाट्सएप समूह से बिना जुड़े भी प्लेस्टोर ऐप
से कार्यक्रम व सत्संग का अनुभूति कर सकते हैं और मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं
संपादक अभिषेक शुक्ला
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