उ0प्र0 राज्य भण्डारण निगम एक व्यवसायिक संस्था : मुकुट बिहारी वर्मा

उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय (दैनिक कर्मभूमि)  लखनऊ,12 फरवरी 2021 उत्तर प्रदेश के सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा आज उ0प्र0 राज्य भण्डारण निगम, स्थित न्यू हैदराबाद निशातगंज में प्रेस प्रतिनिधियों से वार्ता के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उ0प्र0 राज्य भण्डारण निगम एक व्यवसायिक संस्था है, जिसकी स्थापना ‘‘दि एग्रीकल्चरल प्रोड्यूस (डेवलपमेन्ट एण्ड वेयरहाउसिंग) कारपोरशन्स एक्ट 1956 के तहत राज्य सरकार द्वारा वर्ष 1958 में किया गया। यह एक्ट बाद में रिपील हो कर ‘‘दि वेयरहाउसिंग कारपोरेशन एक्ट 1962‘‘ के रूप में प्रतिस्थापित हुआ। निगम के समानुपातिक अंशधारी (50 प्रतिशत) राज्य सरकार तथा केन्द्रीय भण्डारण निगम हैं। श्री वर्मा ने बताया कि निगम का मुख्य कार्य कृषि उपज, बीज, उर्वरक तथा अन्य अधिसूचित वस्तुओं के वैज्ञानिक भण्डारण एवं परिवहन की व्यवस्था करना है। वर्तमान में निगम के भण्डारगृहों में मुख्यतः भारतीय खाद्य निगम द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली हेतु वांछित खाद्यान्न तथा मूल्य समर्थन योजना के तहत क्रय किये गये खाद्यान्न का भण्डारण करना है। इस हेतु भारतीय खाद्य निगम द्वारा निगम के भण्डारगृहों को किराये पर लिया जाता है। भारतीय खाद्य निगम द्वारा भण्डारित खाद्यान्न के भण्डारण व निकासी हेतु उ0प्र0 राज्य भण्डारण निगम द्वारा विभिन्न भण्डारगृहों पर हैण्डलिंग व ट्रांसपोर्ट ठेकेदार की ई-टेण्डर के माध्यम से नियुक्ति की जाती है। नियुक्त ठेकेदार द्वारा खाद्यान्न भण्डारण व निकासी के कार्य हेतु श्रमिकों की व्यवस्था स्वयं के संसाधन से की जाती है, जिसका भुगतान भारतीय खाद्य निगम द्वारा किया जाता है। नियुक्त ठेकेदार द्वारा भण्डारण व निकासी के कार्य हेतु लगाये गये श्रमिकों से निगम का कोई सरोकार नहीं होता है। वर्ष 2016-17 में निगम की भण्डारण क्षमता 36.76 लाख मै0टन एवं उपयोगिता 78.78 प्रतिशत थी। वर्ष 2019-20 में भण्डारण क्षमता बढ़कर 40.62 एवं उपयोगिता 85.89 प्रतिशत हो गयी। वर्ष 2016-17 में निगम की कुल आय रू0 493.85 करोड़ एवं शुद्ध लाभ रू0 45.65 करोड़ था। वर्ष 2019-20 में कुल आय रू0 329.48 करोड़ एवं शुद्ध लाभ बढ़कर रू0 101.76 करोड़ हो गया है। निगम द्वारा अपने दोनों अंशधारियों यथा केन्द्रीय भण्डारण निगम एवं राज्य सरकार को बराबर लाभांश का भुगतान किया जा रहा है। वर्ष 2016-17 में दोनों को रू0 1.18 करोड़ का अलग-अलग लाभांश दिया गया। भण्डारण क्षमता विस्तार के अर्न्तगत कुल 10.18 लाख मै0टन क्षमता का सृजन कराया जा रहा है जिसके अर्न्तगत 01.50 लाख मै0टन साइलो निर्माण एवं 06.85 लाख मै0टन पी0ई0जी0 योजना के अर्न्तगत गोदाम निर्माण, मण्डी परिषद से 36 मण्डी समितियों पर प्राप्त भूमि एवं निगम के दो भण्डारगृहों पर 5,000-5,000 मै0टन क्षमता के कुल 01.90 लाख मै0टन क्षमता के गोदाम निर्माण कराये जा रहे हैं (मण्डी समितियों में निर्मित क्षमता 0.65 लाख मै0टन पी0ई0जी0 योजना के अर्न्तगत)। उक्त के अतिरिक्त निगम के भण्डारगृहों के कैम्पस में पड़ी रिक्त भूमि पर 0.58 लाख मै0टन क्षमता के गोदामों का निर्माण प्रस्तावित है। निगम द्वारा केन्द्रीय पूल के अर्न्तगत वर्ष 2016-17 में 05.26 लाख मै0टन गेहूॅ एवं 14.04 लाख मै0टन चावल कुल 19.30 लाख मै0टन खाद्यान्न का भण्डारण कराया गया था। वर्ष 2019-20 में 26.15 लाख मै0टन गेहूॅ एवं 25.82 लाख मै0टन चावल कुल 51.97 लाख मै0टन खाद्यान्न भण्डारित किया गया। कोविड-19 के कारण लगे देशव्यापी लॉकडाउन व अनलॉक में भी निगम द्वारा दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 10.02.2021 तक अपने गोदामों में 41.60 लाख मै0टन0 गेहूॅ व 41.71 लाख मै0टन चावल कुल 83.31 लाख मै0टन खाद्यान्न का भण्डारण कराया गया तथा प्रधानमंत्री गरीब योजना के अर्न्तगत 40.60 लाख मै0टन गेहॅूं एवं 39.55 लाख मै0टन चावल कुल 80.15 लाख मै0टन खाद्यान्न की रिकार्ड तोड़ निकासी दी गयी। सरकार की मंशा के अनुरूप कृषकों की आय को दोगुना करने के उद्देश्य से निगम के 19 भण्डारगृहों को भण्डारागार विकास विनियामक प्राधिकरण(डब्ल्यू0डी0आर0ए0) के अर्न्तगत पंजीकरण कराया गया है। उक्त गोदामों में भण्डारण करने पर कृषकों को 90 प्रतिशत तक ऋण की सुविधा उपलब्ध है। निगम द्वारा कृषक प्रसार सेवा योजना के अर्न्तगत खाद्यान्न की सुरक्षा हेतु वर्ष 2019-20 में 43861 कृषकों को प्रशिक्षित किया गया है तथा कीटपरिनाशक सेवा योजना के अर्न्तगत कृषकों एवं व्यापारियों आदि के भण्डारित स्टाक की सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है। निगम के कार्यों को और अधिक पारदर्शी बनाये जाने हेतु समस्त प्रक्रियाएं,खरीद ई-टेण्डरिंग अथवा जेम के माध्यम से सम्पन्न करायी जा रही है। आई0जी0आर0एस0 पोर्टल के माध्यम से प्राप्त शिकायतों,प्रकरणों का निस्तारण निर्धारित समय सीमा के अर्न्तगत किया जा रहा है। उ0प्र0 शासन के आदेश के अनुपालन में वर्ष 2001 तक के 521 आकस्मिक,संविदा कर्मचारियों का विनियमिमिकरण किया जा चुका है एवं शेष आकस्मिक, संविदा कार्मिकों के विनियमितिकरण की कार्यवाही प्रक्रिया मे है।

रिपोर्टर सिद्धार्थ त्रिवेदी रायबरेली