लखनऊ द्वारा आयोजित पाँच दिवसीय फेस्टिवल का समापन

उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय (दैनिक कर्मभूमि) लखनऊ,12 फरवरी 2021 सूर्या महिला जन कल्याण समिति, लखनऊ द्वारा आयोजित पाँच दिवसीय लखनऊ फेस्टिवल के अंतर्गत नवीनतम नाटय प्रस्तुति अतः किम् का मंचन आज संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ में किया गया। इस भव्य लखनऊ फेस्टिवल के समापन के मुख्य अतिथि सुरेश चंद्र तिवारी विधायक कैंट ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का आयोजन रमा जायसवाल और इस नाटक का निर्देशन विवेक मिश्रा विष्णु द्वारा किया गया। ‘अतः किम् ’ के संवाद, पात्रों के क्रिया-व्यापार और रंगमंचीय उपकरण मे अद्भुत बैलेंस हैं। नाटक के प्रारम्भ में नायक पूछता है-‘मैं किधर जाऊँ’ और नाटक के अन्त में भी‘ बतलाइए आप ही लोग मुझे क्या करना चाहिए? ‘इन दो अनुत्तरित प्रश्नों के बीच नायक मनोहर और उसके परिवार की छटपटाती जिन्दगी है और है उनकी दम तोड़ती ख्वाहिशें। नायक आर्थिक तंगी से घिरा है। उसकी इच्छा है कि पत्नी रत्ना, भाई सुधीर और बेटी मोहिनी की चाहतों को पूरा करे, मगर राजनैतिक और आर्थिक स्थितियाँ नायक मनोहर को ‘ स्पेस’ नहीं देती। मुख्य भूमिका में मनोहर, राहुल मिश्रा, रत्ना- हर्षिता सक्सेना, सुधीर- शिवम सिंह, वीरेन, रविन्द्र यादव ,मोहिनी- शिवानी यादव ,मास्टर साहब- अनुपम मिश्रा ,पोस्ट मैन, देवव्रत, दर्शक, अनुपम मिश्रा ,ऑफिस क्लर्क- इन्द्रेश, विकास, अन्य- देवव्रत, आर्यन, विकास, दिव्याँशू एंकरिंग, हिमांशु, वेशभूषा, रुचिका,सूर्या,वर्षा, स्टेज, सत्यवान, मेकअप,शिवकुमार, लाइट, तमाल बोस, म्यूजिक, युवराज, हिमांशु, प्रेक्षाःग्रह , सत्यनारायण। दर्शको ने आम आदमी के संघर्षों और ख्वाशिओं के जस्बात में फसे हुए परिवार को छूता नाटक बहुत दिनों बाद देखा है। नाटक एक आम आदमी पर बीत रही मानसिक प्रतारणा को दर्शाने में सक्षम रहा।

रिपोर्टर सिद्धार्थ त्रिवेदी रायबरेली