उत्तर प्रदेश(दैनिक कर्मभूमि) लखनऊ। कोतवाल नानपारा द्वारा पत्रकारों को अपमानित किया जाना पत्रकारों और मानवता का हनन है। ज़िले से लेकर मंडल और प्रदेश तक दोषी कोतवाल की शिकायत की गई है मगर कार्यवाही के नाम पर कुछ नहीं किया गया है। इस कारण अब मामला मानवाधिकार आयोग, प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के समक्ष रखा जाएगा और न्याय की गुहार लगायी जाएगी यह बातें यहां प्रदेश कार्यालय फैजुल्लागंज में प्रदेश अध्यक्ष राशिद अली संगठन के पत्रकारों की बैठक में कही श्री अली ने कहा कि एक तो कोतवाल नानपारा ने पत्रकारों से अभद्रता करके सुप्रीम कोर्ट तथा केंद्र व राज्य सरकार के आदेश की अवहेलना की है। साथ मानवाधिकार का हनन भी किया है। अगर पत्रकारों के साथ में अभद्रता करने वाले इस कोतवाल पर कार्यवाही न कराई गई तो अन्य लोगों का मनोबल बढ़ेगा और पत्रकारिता को खिलवाड़ बना दिया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष राशिद अली ने बताया कि पत्रकार उत्पीड़न के दोषी कोतवाल पर कार्यवाही के लिए पुलिस क्षेत्राधिकारी से लेकर गृह सचिव तक शिकायत की गई है। मगर कोई भी कार्यवाही नहीं कि गई है।यहां तक की पुलिस के उच्च अधिकारियों से इस सम्बंध में जानकारी प्राप्त करने के लिए अगर फोन किया जाता है। तो वह फोन तक नहीं उठाते हैं। जब अधिकारी फोन नही उठाते हैं। तो उन से न्याय की उम्मीद करना बेकार है अब पत्रकार उत्पीड़न का मामला प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया सहित मानवाधिकार आयोग के समक्ष रखा जाएगा तथा पत्रकारों को न्याय दिलाने की मांग की जाएगी । वही प्रदेश के जनरल सेक्रेटरी अरविंद श्रीवास्तव ने कहा कि इस मामले में आईजी देवी पाटन से फोन कर संपर्क करने की कोशिश की और इस प्रकरण में कार्यवाही जाननी चाही। लेकिन उन्होने फोन नहीं उठाया । कोतवाल द्वारा अपमानित किए गए पत्रकार साथियों को संगठन हर कीमत पर न्याय दिलवा कर ही रहेगा। और अब किसी भी तरह की अभद्रता और दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

*ब्यूरो रिपोर्ट- अश्विनी कुमार श्रीवास्तव
*जनपद* चित्रकूट
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