कम हो जाएगी पूर्वांचल के कई जिलों की दूरी

राष्ट्रीय दैनिक कर्मभूमि अंबेडकर नगर

अम्बेडकरनगर। पूर्वांचल के स्थानीय जिला अम्बेडकरनगर के लोगों के लिए अच्छी खबर है। जिले के लोगों का पूर्वांचल के अन्य जिलो के साथ बिहार और पड़ोसी देश नेपाल से निकटता बढ़ने वाली है। अब कम समय में पूर्वांचल के जिले के साथ बिहार और नेपाल पहुंचा जा सकेगा। क्योंकि दिनों में तय होने वाली दूरी घंटों में ही तय की जा सकेगी।
अगर सब कुछ ठीक रहा तो आगामी अगस्त माह में देश को आजादी मिलने की 75वीं वर्षगांठ के ही मौके पर पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे और उससे संपर्क वाले गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे का शुभारंभ हो जाएगा। एक्सप्रेस-वे और लिंक एक्सप्रेस-वे का शुभारंभ होने से पूर्वांचल के जिलों मसलन आजमगढ़, मऊ, महराजगंज, गोरखपुर, देवरिया, गाजीपुर, कुशीनगर, बलिया का सीधा संपर्क जिले से हो जाएगा। साथ ही बलिया के रास्ते बिहार के विभिन्न जिलों से तथा गोरखपुर के रास्ते पड़ोसी देश नेपाल का सीधा जुड़ाव हो जाएगा। इससे वहां से आने और यहां से जाने में समय की बचत होगी। इसका सीधा लाभ जिले के लोगों को मिलेगा।
नेपाल से पहले ही जिला सीधा जुड़ चुका है: इंडो नेपाल बॉर्डर से वाराणसी तक के सिक्स लेन हाईवे जो बस्ती और जिले के टांडा से होकर गया है, से पहले ही जिला नेपाल के करीब पहुंच चुका है। अभी नेपाल पहुंचना आसान हो गया है, लेकिन पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के शुरू होने से नेपाल जाना आना और आसान हो जाएगा। प्रदेश सरकार की ओर से ऐलान किया गया है कि अगस्त माह तक पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे का संचालन कर दिया जाएगा।
पहले कलवारी पुल ने कम की थी बस्ती की दूरी: आगामी अगस्त माह में प्रस्तावित पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जिले का पूर्वांचल के जिलों से सीधा संपर्क हो जाएगा। इसके पूर्व जिले के लोगों को साल 2013 में टांडा कलवारी के मध्य सरयू नदी पर बने पुल ने काफी राहत दी थी। इससे बस्ती समेत पूर्वांचल के कई जनपदों की दूरी कम हो गई है। पहले बस्ती वर्तमान अयोध्या (पूर्व के फैजाबाद) जनपद होकर जाना पड़ता था। 150 किमी की दूरी तय करनी पड़ती थी। 2013 में बने पुल से अब बस्ती केवल 40 किमी की दूरी तय पहुंचा जा रहा है। वहीं अब इंडो नेपाल-वाराणसी हाइवे के बन जाने से पुल की उपयोगिता बढ़ गई है।

रिपोर्ट अरविंद कुमार राष्ट्रीय दैनिक कर्मभूमि टांडा अंबेडकर नगर