पूर्वांचल एक्सप्रेसवे अपने लक्ष्य से बहुत दूर रहगया-आलोक त्रिपाठी लकी

उत्तर प्रदेश (राष्ट्रीय दैनिक कर्मभूमि )जौनपुर

जौनपुर।समाजवादी सरकार में प्रारम्भ समाजवादी पूर्वांचल एक्सप्रेसवे समाजवादी सरकार में निर्धारित लक्ष्यों को दूर दूर तक नही छू सका।पूर्वांचल एक्सप्रेसवे समाजवादी सरकार की एक अनोखी पहल थी जो पूर्वांचल के पिछड़े पन को दूर करने का एक जरिया बनता। वहाँ पर एक्सप्रेसवे के नजदीक मंडियों को बनाने की योजना समाजवादी सरकार के अगुवा माननीय अखिलेश ने बनाई थी जिससे किसान अपने उत्पाद को सहजता पूर्वक बेच सकता था,पर इसमें कोई मंडी आदि नही है। विभिन्न सुबिधाओं से युक्त एक्सप्रेसवे होना चाहिए जिसमें उचित प्रकाश व्यवस्था, शौचालयों आदि की व्यवस्था आवश्यक थी इन सब का नितांत अभाव इस एक्सप्रेसवे में है। और इन अति आवश्यक सुबिधाओं को वर्तमान सरकार ने मात्र इस लिए काट दिया कि जनता में एक संदेश दें कि हमने काम कीमतों में निर्माण किया, जिसका प्रयास भाजपा ने किया भी , पर जनता को यह समझने में कोई देरी नही लगी कि यह गुमराह करने की कोई नई योजना है। और मात्र लागत कम करने के चक्कर मे एक वेहतरीन सड़क बनते बनते रह गयी।
भाजपा ने इस एक्सप्रेसवे को मात्र अमीर लोगो के गाड़ियों को फर्राटा भरने के लिए और उनसे टोल टैक्स उगाही का साधन बनाया है। मैं मानता हूं कि एक्सप्रेसवे से यातायात कुछ सुगम हो जाएगा पर किसका जिनके पास अकूत धन है जो टोल आदि भर सकते है। उस गरीब जनता का क्या होगा जो इसके किनारे पर बसे है। अगर सरकार ने इन सभी चीजों का ख्याल रखा होता तो इस पट्टी के लोगो को रोजगार और स्वरोजगार दोनों की प्राप्ति होती। ये शानदार सड़के हमारे चहुँमुखी विकास के लिए है, जो पूर्वांचल एक्सप्रेस वे से प्राप्त होता नही दिख रहा। दिखा तो मात्र सीएम योगी का अकेलापन।

एडिटर अभिषेक शुक्ला