चित्रकूट: जनपद के मानिकपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत अमचुर नेरूआ के नई बस्ती मजरा में पर्यावरण एवं संवर्धन की दृष्टि से संकल्प अभियान सामुदायिक वृक्षारोपण का कार्यक्रम हुआ। मुख्य अतिथि दलित महिला उत्थान समिति की संरक्षक बहन उर्मिला एवं संस्थान के संस्थापक गोपाल भाई ने जन समुदाय को पर्यावरण संरक्षण को मौलिक कर्तव्य के रूप मानते हुए इस संकल्प यज्ञ में पौधरोपण कर उसकी पुत्रवत अनवरत चिंता करते रहने के लिए प्रेरित किया। आदिवासी समुदाय से नई बस्ती के वृद्ध किसान गोपाल कोल ने अपनी मेहनत और लगन के प्रतीक स्वरूप बादाम के पौधों को संरक्षित करके एक अनूठी मिसाल पेश की है। नई बस्ती के युवा किसान रामबहोरी कोल ने एक एकड़ में सैकड़ों फलदार पौधों का रोपण कर समुदाय के लिए एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है।
कार्यकर्ता विजय सिंह ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण की अनोखी तकनीक मियावाकी पद्धति है, जिसे पाठा क्षेत्र में तपोवन के नाम से संबोधित किया गया है। उन्होंने बताया कि कोरोना काल में ऑक्सीजन की कमी से लोगों ने अपने प्राण गवाएं हैं। ऑक्सीजन की बहुतायत आपूर्ति तपोवन मे ही निहित है। हम अपने आस-पडोस मे अधिकाधिक वृक्ष लगाकर इसे पूरा कर सकते हैं। अंधी विकासात्मक दौड़ के चलते हम लगातार वनों को काट रहे हैं, उसी सापेक्ष में हमें पेड़ भी लगाने होंगे।
मारकुंडी रेंज के दरोगा शिव गणेश ने पर्यावरण संरक्षण के सापेक्ष में सामुदायिक पौधरोपण कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे और अधिक जन जन के व्यवहार में लाने के लिए ग्रामवासियों से अपील की।
इस पर्यावरणीय संकल्प गोष्ठी में सामाजिक कार्यकर्ता शिववरदानी, मलखान, आषीष, मनोज श्रीवास्तव, अजीत, प्रदीप, रामविलास, संजय आदि ने अपने-अपने वक्तव्य के माध्यम से पर्यावरण के प्रति लोगों को ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन संस्था के विश्वदीप ने किया।
*ब्यूरो रिपोर्ट* अश्विनी कुमार श्रीवास्तव
*जनपद* चित्रकूट
You must be logged in to post a comment.