आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण में ग्रामोदय विश्वविद्यालय का योगदान विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी

उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय (दैनिक कर्मभूमि) चित्रकूट: मध्य प्रदेश राज्य के स्थापना पर्व पर मंगलवार को ग्रामोदय परिसर में विश्वविद्यालय का विकास अनुष्ठान कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर सीएमसीएलडीपी सभागार में कला संकाय के तत्वावधान में आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण में ग्रामोदय विश्वविद्यालय का योगदान विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन हुआ। संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो भरत मिश्रा ने कहा कि ग्रामोदय विश्वविद्यालय के स्थापना की पृष्ठभूमि में ही स्वावलंबन व स्वाभिमान का गौरवशाली लक्ष्य स्थापित है। उन्होंने कहा कि भारतरत्न राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख ने ग्रामोदय विश्वविद्यालय की परिकल्पना एवं स्थापना सामाजिक सहयोग के साथ आत्मनिर्भर संस्था के रूप में की थी। उन्होंने ग्रामोदय विवि को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ही अनेक नवाचारों के साथ ग्रामोदय विश्वविद्यालय का संचालन प्रारंभ किया था। स्थापना उद्देश्य को आत्मसात कर मध्यप्रदेश सरकार ग्रामोदय विश्वविद्यालय की गतिविधियां संचालित कर रहा है। आत्मनिर्भरता के लिए किये जा रहे विभिन्न प्रयासों व कार्यानुभव को विस्तार से समझाया। प्रो मिश्रा ने विद्यार्थियों के लिए लागू पढ़ो और कमाओ योजना की भी जानकारी दी।

कार्यक्रम का प्रारंभ कुलपति प्रो भरत मिश्रा द्वारा दीप प्रज्वलन व विद्या दायिनी सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुआ। संगीत इकाई के तत्वावधान में विद्यार्थियों और यूनिवर्सिटी स्टाफ द्वारा सामूहिक मध्यप्रदेश गान प्रस्तुत किया गया। जनसंचार माध्यमों के विशेषज्ञ प्रो वीरेंद्र कुमार व्यास ने आयोजन के औचित्य पर प्रकाश डाला। प्रो डीपी राय ने कृषि नवाचार एवं कृषक कल्याण से संबंधित गतिविधियों पर प्रकाश डाला। प्रो आईपी त्रिपाठी ने लोकविज्ञान व प्रौद्योगिकी गतिविधियों को बताया। इंजी राजेश कुमार सिन्हा ने कौशल संवर्धन एवं रोजगार सृजन के पाठ्यक्रम से संबंधित जानकारी दी। प्रो नंदलाल मिश्रा ने सामाजिक विज्ञान एवं वंचित वर्गों का सशक्तिकरण की गतिविधियों को प्रस्तुत किया। प्रो अमरजीत सिंह ने सतत विकास के आयामो की जानकारी दी। डॉ आंजनेय पांडेय ने युगानुकूल तकनीकी और ग्रामीण विकास विषय को समझाया। प्रो रमेश चंद्र त्रिपाठी ने सार्थक शोध पर प्रकाश डाला। डॉ कुसुम सिंह ने शैक्षिक नवाचार प्रस्तुत किया है। प्रो रघुबंश प्रसाद बाजपेई ज्ञानधारित समाज की व्याख्या की। डॉ कमलेश थापक ने शिक्षक धाराएं और मानव संसाधन विकास से संबंधित विचार रखें। डॉ ललित कुमार सिंह ने ग्रामोदय विश्वविद्यालय के नवाचार बताए। आभार प्रदर्शन कुलसचिव डॉ अजय कुमार ने किया। सफल संचालन निदेशक दूरवर्ती प्रो वीरेंद्र कुमार व्यास ने किया। इस अवसर पर ग्रामोदय विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी व छात्र-छात्राए मौजूद रहे।

 

*ब्यूरो रिपोर्ट* अश्विनी कुमार श्रीवास्तव

*जनपद* चित्रकूट

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