*सबको नहीं मिलता श्रीमद्भागवत कथा सुनने का अवसर – वैदिक*

उत्तर प्रदेश(दैनिक कर्मभूमि) चित्रकूट: विकास खण्ड रामनगर के ग्राम पंचायत पियरियामाफी में ब्रम्हलीन संत बाबा रामेश्वरम गौ सेवा संस्थान के द्वितीय वार्षिकोत्सव के तत्वावधान में आयोजित संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा में वृंदावन से पधारे कथा व्यास भागवत भूषण राजेश राजौरिया वैदिक द्वारा बद्री विशाल ओझा को स्रोता बनाकर सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा सुनाई जा रही है। जिसमें तृतीय दिवस की कथा में रविवार को कथाव्यास भागवत भूषण राजेश राजौरिया वैदिक ने कथा के अनुक्रम में श्री मदभागवत महापुराण की पावन कथा का निरूपण करते हुए भगवान कपिल देव के चरित्र का उपाख्यान किया। उन्होंने अष्टांग योग के विषय में भी सम्यक प्रकाश डाला। तदुपरान्त भक्त धु्रव के जीवन दर्शन को परिभाषित करते हुए मनोहारी वर्णन किया।

कथा व्यास ने आधुनिक युग के अभिभावकों खासकर माताओं, बहनों एवं युवा पीढ़ी को केंद्रित करते हुए कहा कि अपने बच्चों को माता सुनीति की तरह अपने बच्चों को धु्रव की तरह अच्छे संस्कार और उपदेश देने का उपक्रम करें और उसे भगवान का भक्त बनाने का सुंदर सँस्कार देने का प्रयास करना चाहिए। क्योंकि माता-पिता ही बच्चों के सबसे पहले उसके भाग्य के निर्माता होते हैं और जैसा वह चाहेंगे वैसे ही उनके बच्चे बनेंगे। इसमें कोई संसय नहीं है। कथा व्यास ने कहा कि श्री मद्भागवत महापुराण सिर्फ सुनने भर की कथा नहीं है वरन सुनी गई कथा को हर पल मनन करने की भी आदत डालनी चाहिए क्योंकि यह आत्ममंथन की ही विषयवस्तु है।

इस मौके पर बद्री विशाल ओझा, राजन शास्त्री, पुष्पेंद्र तिवारी, नीलेश शास्त्री, विनय शास्त्री, अखिलेश भाई ओझा, सनत कुमार ओझा, अश्विनी कुमार ओझा, पं. शिवबालक, राम ओझा, राजेन्द्र ओझा, बृज नन्दन ओझा, जगनन्दन ओझा, अभिमन्यु ओझा, राजीव नयन ओझा, रघुवंश ओझा, प्रकाश ओझा, पं. राममूरत द्विवेदी आदि मौजूद रहे।

 

 

*ब्यूरो रिपोर्ट* अश्विनी कुमार श्रीवास्तव

*जनपद* चित्रकूट