उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय (दैनिक कर्मभूमि) कानपुर।वेदों की आध्यात्मिक गहराई से लेकर आयुर्वेद की उपचार शक्तियों तक,प्राचीन भारतीय ज्ञान ऐसी अंतर्दृष्टि प्रदान करता है जिसे आधुनिक विज्ञान अभी प्रमाणित करना शुरू ही कर रहा है।प्रोफेसर आर. के. गुप्ता प्रधानाचार्य, पी.जी.डी.ए.वी कॉलेज (सांध्य) दिल्ली विश्वविद्यालय ने यह बताते हुए मीडिया कांफ्रेंस में की और नई शोध और टेक्नीक्स पर भी बात कही।बताते चले कांफ्रेंस जिसका टाइटल था इंटरनेशनल कांफ्रेंस ऑन इंटीग्रेटिंग इंडियन ट्रेडीशनल नॉलेज कंसर्न्ड विथ एजुकेशन इंक्लूडिंग साइंस एंड टेक्नोलॉजी, मैनेजमेंट एंड इम्पेंडिंग टू एनवायरनमेंट।कांफ्रेंस के ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी प्रशांत सिंह ने बताया कांफ्रेंस मल्टीपल सेक्टर्स पर प्रकाश डाला मुख्य अतिथि के तौर पर प्रोफेसर विशाल जैन शारदा यूनिवर्सिटी,राजेश कुमार डायरेक्टर एनटीए,दिनेश राजपूत प्रदेश महामंत्री लोधी महासभा, डॉ मनोज सिंह तोमर राष्ट्रीय अध्यक्ष भारतीय नमो संघ और सांध्य में मुख्य अतिथि के तौर पर आलोक कुमार आई एस एस,राजन तिवारी डायरेक्टर पार्लियामेंट राज्य सभा,प्रोफेसर पद्मेश त्रिपाठी दिल्ली टेक्निकल कैंपस ग्रेटर नोएडा, डॉ कृष्ण कुमार परोहा ज्ञान गंगा कॉलेज जबलपुर, एल डी विवेक अग्रवाल डी एल एस ए दिल्ली, और विशिष्ट अतिथि के तौर पे जय सिंह आई आई एस,आशीष कुमार प्रदेश सचिव ने कार्यक्रम पर प्रकाश डाला।मुख्य वक्ता के रूप में डॉ योजना सिंह न्यूक्लियर साइंटिस्ट ब्रिट, और वक्ताओं के रूप में प्रोफेसर एस एन उपाध्याय आई आई टी बी एच यू एक्स डायरेक्टर, आचार्य श्रीकांत महाराज पूर्ण सेवा संस्थान, डॉ यश चावला पोलैंड, डॉ हरि शंकर श्याम शारदा यूनिवर्सिटी, डॉ जितेंद्र कुमार यादव आई सी एम आर, डॉ रितेश द्विवेदी सिंबायोसिस नोएडा, डॉ रश्मि रानी, प्रोफेसर उमापद पाल मैक्सिको, डॉ ज्योतिष एन पी सिंह पुणे। डॉ नितेंद्र कुमार एमिटी यूनिवर्सिटी , डॉ अंजलि सक्सेना और प्रोफेसर अवनीश कुमार बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से सम्मिलित हुए। कांफ्रेंस के अंत में प्रोफेसर मीणा शर्मा हिंदी डिपार्टमेंट पी. जी. डी. ए. वी कॉलेज (सांध्य) दिल्ली विश्वविद्यालय ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित कर कांफ्रेंस का समापन किया।
संवाददाता आकाश चौधरी कानपुर
You must be logged in to post a comment.