उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय (दैनिक कर्मभूमि) कानपुर।हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। माघ मास के शुक्ल पक्ष में आने वाली एकादशी को जया एकादशी कहा जाता है। यह व्रत भगवान श्रीहरि विष्णु को समर्पित होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्रद्धा और नियमपूर्वक यह व्रत करने से व्यक्ति को सुख-समृद्धि, मानसिक शांति और पापों से मुक्ति प्राप्त होती है।
पंडित गौरव शास्त्री ने बताया कि माघ मास भगवान श्रीकृष्ण का अत्यंत प्रिय महीना है। इस दौरान किया गया दान-पुण्य और गंगा स्नान का पुण्यफल कई गुना बढ़ जाता है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष जया एकादशी की तिथि 28 जनवरी को शाम 4:35 बजे से शुरू होकर 29 जनवरी को दोपहर 1:55 बजे तक रहेगी। उदय तिथि को मान्यता देते हुए जया एकादशी का व्रत 29 जनवरी 2026, गुरुवार को रखा जाएगा।
पारण का शुभ समय
व्रत का पारण 30 जनवरी 2026 को किया जाएगा।
पारण मुहूर्त: सुबह 7:13 बजे से 9:29 बजे तक
द्वादशी तिथि समाप्त: सुबह 11:09 बजे
उन्होंने बताया कि द्वादशी तिथि समाप्त होने से पहले पारण करना अनिवार्य है, तभी व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है।
पूजन विधि
पूजन विधि सरल और सात्विक बताई गई है। पारण के दिन सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधिपूर्वक पूजा करें। घी का दीपक जलाकर विष्णु चालीसा का पाठ करें। भोग में तुलसी पत्र अवश्य शामिल करें, क्योंकि इसके बिना भोग अधूरा माना जाता है। अंत में प्रसाद वितरण कर स्वयं भोजन ग्रहण करें।
संवाददाता आकाश चौधरी कानपुर