यूजीसी नियमों पर सन्नाटा: जिले के दिग्गज ब्राह्मण भाजपाई खामोश

उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय (दैनिक कर्मभूमि) चित्रकूट यूजीसी के बदले नियमों को लेकर देशभर में विरोध के स्वर तेज होते जा रहे हैं, लेकिन चित्रकूट जिले में इस मुद्दे पर एक अजीब खामोशी देखने को मिल रही है। खासतौर पर जिले के दिग्गज ब्राह्मण भाजपा नेता पूरी तरह मौन साधे हुए हैं।

हैरानी की बात यह है कि आगामी विधानसभा और पंचायत चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज है। बेटे-बहू से लेकर स्वयं तक की राजनीतिक “लॉन्चिंग” की तैयारियां चल रही हैं, लेकिन यूजीसी जैसे बुनियादी और समाज से सीधे जुड़े मुद्दे पर किसी नेता की ओर से अब तक कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है।

सवाल सीधा और सार्वजनिक है—

जब यूजीसी जैसे अहम विषय पर बोलने की हिम्मत नहीं, तो चुनाव के समय सवर्ण समाज से वोट किस आधार पर मांगे जाएंगे?क्या एक बार फिर केवल “मोदी-योगी की योजनाओं” का सहारा लिया जाएगा, या स्थानीय स्तर पर नेताओं की अपनी कोई ठोस राय भी जनता के सामने आएगी?

यूजीसी के नए नियमों को लेकर सबसे अधिक उत्सुकता सवर्ण समाज में देखी जा रही है। लोग जानना चाहते हैं कि उनके प्रतिनिधि इस मुद्दे पर क्या सोचते हैं और किस पक्ष में खड़े हैं। राजनीति में मौन भी एक पक्ष माना जाता है। अब देखना यह होगा कि यह खामोशी आने वाले चुनाव में नेताओं के लिए क्या संदेश लेकर आती हैं।

 

रिपोर्टर पंकज सिंह राणा चित्रकूट

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