महाशिवरात्रि : सच्ची भक्ति से मिलती है भगवान शिव की अनंत कृपा : पंडित गौरव शास्त्री

उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय (दैनिक कर्मभूमि) कानपुर। भगवान शिव को समर्पित पवित्र पर्व महाशिवरात्रि इस साल 15 फरवरी, रविवार को मनाया जाएगा। पंडित गौरव शास्त्री बताते हैं कि इस दिन भगवान शिव अनंत ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए और शिव-पार्वती का दिव्य मिलन भी इसी तिथि से जुड़ा है। इसलिए भक्त दिनभर उपवास रखते हैं, शिवलिंग पर जल, दूध, दही, घी और शहद से अभिषेक करते हैं और रातभर जागरण करते हैं।

श्रद्धालुओं की उमड़ती भीड़

शहर के प्रमुख शिवालयों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ देखने को मिली। लोग बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल और भांग अर्पित कर भोलेनाथ का आशीर्वाद ले रहे थे। कई भक्त पूरे दिन व्रत रखते हुए रात में चार प्रहर में विशेष पूजा करते हैं।

चार प्रहर में पूजा का शुभ समय

इस साल महाशिवरात्रि का समय इस प्रकार है:
पहला प्रहर: शाम 6:37 बजे
दूसरा प्रहर: रात 9:45 बजे
तीसरा प्रहर: रात 12:53 बजे
चौथा प्रहर: सुबह 3:47 बजे
विशेष रूप से निशीथ काल (16 फरवरी रात 12:09 से 1:01 बजे) अत्यंत शुभ माना जाता है। इस समय की गई पूजा से भोलेनाथ की कृपा शीघ्र मिलती है।

 

व्रत और मंत्र जाप

पंडित गौरव शास्त्री ने बताया कि महामृत्युंजय मंत्र का जाप इस दिन विशेष फलदायी है। व्रत के दौरान तामसिक भोजन, मांसाहार और शराब से दूरी बनाएं। स्वच्छता और शुभ विचारों के साथ पूजा करने से जीवन में शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है।

भक्तिमय दृश्य

 

कानपुर के शिवालयों में भक्तों की भक्ति का दृश्य अत्यंत मार्मिक और दिव्य लगता है। कुछ भक्त अपने अनुभव साझा करते हैं रातभर जागरण के दौरान शिवलिंग पर जलाभिषेक करना बेहद आध्यात्मिक अनुभव है।” इस महापर्व पर श्रद्धालु अपने मन और जीवन को शिव की असीम कृपा से भर सकते हैं।

संवाददाता आकाश चौधरी कानपुर