खेतों से निकला सुरों का सितारा, फतेहपुर के सुजीत का गाना बड़े प्लेटफॉर्म पर गूंजा

उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय (दैनिक कर्मभूमि) कानपुर।कहते हैं कि अगर सपनों में सच्चाई और मेहनत का साथ हो तो छोटी जगह भी बड़ी पहचान बना सकती है।फतेहपुर देवमई ब्लॉक के चिल्ली गांव (पोस्ट–बमथरा) निवासी सुजीत कुमार ने अपने जुनून और संघर्ष के दम पर यह साबित कर दिया है। एक साधारण किसान परिवार में पले-बढ़े सुजीत आज संगीत की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने की ओर बढ़ रहे हैं। उनकी सफलता की कहानी इलाके के युवाओं के लिए प्रेरणा बनती जा रही है।

साधारण परिवार से निकला कलाकार

सुजीत के पिता राम किशोर एक मेहनती किसान हैं और माता सावित्री देवी गृहिणी हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य होने के कारण बचपन में संगीत सीखने के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध नहीं थे। इसके बावजूद सुजीत ने अपने सपनों को कभी कमजोर नहीं पड़ने दिया। गांव के माहौल में पले-बढ़े सुजीत को बचपन से ही गाने का शौक था। खाली समय में वह गीत लिखते, गुनगुनाते और अपने हुनर को निखारने की कोशिश करते रहते थे।

एक गाने ने बदल दी सोच

सुजीत बताते हैं कि मशहूर रैपर यो यो हनी सिंह का एक गाना सुनने के बाद उनके भीतर संगीत को लेकर नई ऊर्जा पैदा हुई। उस गाने ने उन्हें यह एहसास कराया कि अगर मेहनत की जाए तो संगीत की दुनिया में अपनी पहचान बनाई जा सकती है। उसी दिन उन्होंने तय कर लिया कि वह एक इंडिपेंडेंट आर्टिस्ट बनकर अपने गीत खुद लिखेंगे और गाएंगे।

खुद लिखा, खुद कंपोज किया

इसके बाद सुजीत ने खुद ही गाने लिखना, उन्हें

कंपोज करना और रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया। सीमित साधनों के बावजूद उन्होंने लगातार मेहनत की और अपने छोटे से सेटअप में ही कई गीत तैयार किए। उनके द्वारा बनाए गए गीत “सज़ा बन गई” और “मसला” को लोगों ने काफी पसंद किया। इन गीतों ने उन्हें आगे बढ़ने का आत्मविश्वास दिया और वह लगातार नए गीतों पर काम करते रहे।

बड़े प्लेटफॉर्म तक पहुंचा गीत

लगातार मेहनत और संघर्ष का ही परिणाम है कि अब उनका ओरिजिनल सॉन्ग “गेदा” बड़े प्लेटफॉर्म तक पहुंच गया है। यह गाना जी-5 &टीवी एचडी और जियो टीवी जैसे प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हो रहा है। एक छोटे से गांव के युवक की यह उपलब्धि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात बन गई है और लोग उनकी सफलता की चर्चा कर रहे हैं।

युवाओं के लिए बनी प्रेरणा

सुजीत की कहानी यह बताती है कि अगर इंसान के अंदर सच्चा जुनून, मेहनत और धैर्य हो तो वह किसी भी परिस्थिति में अपने सपनों को साकार कर सकता है। गांव की छोटी गलियों से निकलकर बड़े मंच तक पहुंचने की उनकी यह यात्रा आज क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। जरूरत है कि ऐसे प्रतिभाशाली कलाकारों को प्रोत्साहन मिले, ताकि गांवों की प्रतिभा भी देश-दुनिया तक अपनी पहचान बना सके।

संवाददाता आकाश चौधरी कानपुर