उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय (दैनिक कर्मभूमि) कानपुर। अनियमित माहवारी को सामान्य समझकर नजरअंदाज करना महिलाओं के स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकता है। बदलती जीवनशैली, तनाव, खानपान में लापरवाही और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण किशोरियों और महिलाओं में पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. वंदना शर्मा के अनुसार पीसीओएस केवल पीरियड्स की समस्या नहीं है, बल्कि यह हार्मोन, मेटाबॉलिज्म और प्रजनन क्षमता को भी प्रभावित कर सकता है।
शरीर के संकेतों को पहचानना जरूरी
डॉ. वंदना शर्मा ने बताया कि समय पर माहवारी न आना, कई महीनों तक पीरियड्स रुक जाना, चेहरे व ठुड्डी पर अनचाहे बालों का बढ़ना, बार-बार मुंहासे होना, बालों का झड़ना और पेट के आसपास चर्बी बढ़ना पीसीओएस के प्रमुख लक्षण हो सकते हैं। इसके अलावा गर्दन और शरीर के कुछ हिस्सों की त्वचा का काला पड़ना इंसुलिन रेजिस्टेंस का संकेत हो सकता है।
लापरवाही से बढ़ सकता है खतरा
विशेषज्ञों के मुताबिक पीसीओएस का समय पर उपचार न होने पर आगे चलकर मधुमेह, उच्च रक्तचाप, फैटी लिवर, हृदय संबंधी बीमारियों और गर्भधारण में परेशानी का खतरा बढ़ सकता है। जिन महिलाओं के परिवार में डायबिटीज, मोटापा या पीसीओएस का इतिहास रहा है, उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। हार्मोनल जांच और पेल्विक अल्ट्रासाउंड के जरिए इसकी पहचान की जा सकती है।
बदलें जीवनशैली, नियंत्रित होगा पीसीओएस
डॉ. वंदना शर्मा ने बताया कि पीसीओएस को नियंत्रित करने में जीवनशैली की अहम भूमिका है। रोजाना 30 से 45 मिनट व्यायाम, संतुलित आहार, प्रोटीन और फाइबर युक्त भोजन, जंक फूड व मीठे पेय पदार्थों से दूरी, पर्याप्त नींद और तनाव नियंत्रण बेहद जरूरी है। नियमित जांच और चिकित्सकीय सलाह से इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
पीसीओएस के बाद भी संभव है मातृत्व सुख
उन्होंने कहा कि कई महिलाएं पीसीओएस को लेकर चिंतित रहती हैं कि इससे मां बनने में परेशानी होगी, लेकिन सही उपचार और विशेषज्ञ की निगरानी में अधिकांश महिलाएं स्वस्थ गर्भधारण कर सकती हैं। जरूरत है कि महिलाएं शरीर में होने वाले बदलावों को समझें और समय रहते चिकित्सकीय सलाह लें।
उन्होंने अपील की कि अनियमित पीरियड्स को छोटी समस्या न मानें। जागरूकता, समय पर जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर पीसीओएस को प्रभावी तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है।
संवाददाता आकाश चौधरी कानपुर