जब सेवा बनी उत्सव, बच्चों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय (दैनिक कर्मभूमि) कानपुर। ख्यौरा स्थित उजियारी देवी मंदिर परिसर में संचालित पाठशाला में सोमवार की शाम सेवा, सहयोग और ममता का अनूठा संगम देखने को मिला। तीन परिवारों के योगदान से वंचित बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे और मंदिर परिसर का वातावरण भावुक हो गया।राम परिवार के राकेश सिंह अपनी पत्नी मिथिलेश सिंह के साथ पाठशाला पहुंचे। उन्होंने बच्चों को ब्रश,जिभी, टूथपेस्ट, रूमाल, बिस्किट और चिप्स वितरित किए। दैनिक उपयोग की सामग्री पाकर बच्चे बेहद उत्साहित नजर आए। इसके बाद डॉ. पंकज भगोलीवाल बच्चों के लिए लड्डू,समोसे और कोल्ड ड्रिंक लेकर पहुंचे। गर्मी के मौसम में स्वादिष्ट नाश्ता और शीतल पेय पाकर बच्चों ने भरपूर आनंद लिया।पुरुषोत्तम मास के अंतिम दिन पाठशाला संचालक ददन मिश्रा की पत्नी अर्चना मिश्रा ने अपने हाथों से बने पुए बच्चों को परोसे। उनके स्नेहपूर्ण व्यवहार ने माहौल को भावुक बना दिया। बच्चों ने भी उनके हाथों से प्रसाद ग्रहण कर आत्मीयता का अनुभव किया।इस अवसर पर अशोक कुमार अग्रवाल,संगीता अग्रवाल,प्रकाश श्रीवास्तव, शिक्षिकाएं पुष्पा शुक्ला, गीता शुक्ला तथा महक गौड़ मौजूद रहीं। उपस्थित लोगों ने कहा कि जरूरतमंद बच्चों के जीवन में खुशियां बांटना ही सच्ची सेवा है। आयोजन ने समाज में सहयोग और संवेदनशीलता का प्रेरणादायी संदेश दिया।

संवाददाता आकाश चौधरी कानपुर

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