उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय (दैनिक कर्मभूमि) उन्नाव। परिषदीय विद्यालयों में अब बच्चों की नियमित उपस्थिति के साथ उनकी डिजिटल हाजिरी भी अनिवार्य होगी। विकासखंड मियागंज में आयोजित जुलाई माह की समीक्षा बैठक में खंड शिक्षा अधिकारी मनींद्र कुमार ने सभी प्रधानाध्यापकों और प्रभारी शिक्षकों को शत-प्रतिशत छात्र उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि छह से 14 वर्ष तक का कोई भी बच्चा विद्यालय से बाहर नहीं रहना चाहिए। सभी बच्चों का आयु के अनुसार संबंधित कक्षा में नामांकन कर उनका विवरण समय पर प्रेरणा पोर्टल पर दर्ज किया जाए। बीईओ ने स्पष्ट किया कि स्कूलों में प्रतिदिन डिजिटल उपस्थिति दर्ज करने में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में जर्जर विद्यालय भवनों का चिन्हांकन कर बच्चों को सुरक्षित कक्षों में बैठाने, कंपोजिट ग्रांट का समयबद्ध उपयोग करने तथा विद्यालय प्रबंधन समिति, अभिभावक बैठक और माता उन्मुखीकरण कार्यक्रम नियमित कराने के निर्देश भी दिए गए।
एआरपी दीप नारायण त्रिपाठी ने स्कूल चलो अभियान को गति देने, प्रार्थना सभा में समाचार पत्र वाचन और विद्यार्थियों में स्वच्छता की आदत विकसित करने पर जोर दिया। एआरपी अभिषेक शुक्ला ने निपुण असेसमेंट, शिक्षक डायरी, प्रेरणा तालिका, समय-सारिणी के अनुरूप शिक्षण और बाल वाटिका गतिविधियों की समीक्षा की।
बैठक में यू-डाइस पोर्टल, विद्यार्थियों के आधार पंजीकरण, मध्याह्न भोजन योजना और कैच-अप कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ हर विद्यार्थी तक समयबद्ध तरीके से पहुंचाना सभी शिक्षकों की जिम्मेदारी है।
संवाददाता आकाश चौधरी कानपुर