विज्ञान के प्रति जागरूकता बढ़ाने को तक्षशिला अकादमी में आयोजित हुई विद्यार्थी विज्ञान मंथन अभिमुखीकरण कार्यशाला

 

राष्ट्रीय दैनिक कर्म भूमि अम्बेडकर नगर

 

अम्बेडकरनगर। विज्ञान भारती (विभा), राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी), शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार तथा राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित भारत की सबसे बड़ी विज्ञान प्रतिभा खोज परीक्षा ‘विद्यार्थी विज्ञान मंथन (VVM) 2026–27’ में अधिकाधिक छात्र-छात्राओं की सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को तक्षशिला अकादमी, लोरपुर, अकबरपुर में छात्र अभिमुखीकरण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।कार्यक्रम में विद्यार्थियों को विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करने, वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने तथा राष्ट्रीय स्तर की विज्ञान गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया।मुख्य वक्ता एवं विज्ञान भारती, अवध प्रांत के राज्य समन्वयक नीरज यादव ने कहा कि विद्यार्थी विज्ञान मंथन केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, अनुसंधान की प्रवृत्ति तथा भारतीय वैज्ञानिक विरासत के प्रति जागरूकता विकसित करने का राष्ट्रीय अभियान है। उन्होंने बताया कि यह परीक्षा विद्यार्थियों को विज्ञान को गहराई से समझने, नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने तथा देश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संस्थानों से जुड़ने का अवसर प्रदान करती है। उन्होंने 2026–27 सत्र की पंजीकरण प्रक्रिया, अध्ययन सामग्री, ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली, चयन प्रक्रिया तथा राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध विभिन्न शैक्षणिक अवसरों की विस्तृत जानकारी भी साझा की।विद्यालय के प्रधानाचार्य अभिषेक तिवारी ने कहा कि वर्तमान समय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का युग है और प्रत्येक विद्यार्थी के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से बड़ी संख्या में प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने का आह्वान करते हुए कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएँ आत्मविश्वास, तार्किक क्षमता और नवाचार की भावना को नई दिशा प्रदान करती हैं।उप-प्रधानाचार्य शालिनी श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को जिज्ञासु बनने, प्रश्न पूछने तथा नई खोजों के प्रति सदैव उत्सुक रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि विज्ञान जीवन के प्रत्येक क्षेत्र से जुड़ा हुआ है और इसकी समझ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।कार्यक्रम के समन्वयक रजनीश पांडे ने पंजीकरण प्रक्रिया, परीक्षा की रूपरेखा तथा विद्यालय द्वारा विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जाने वाली शैक्षणिक सहायता की जानकारी दी। वहीं शिक्षिका रोजन ने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, अनुशासित तैयारी एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए विद्यार्थी विज्ञान मंथन से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा विस्तारपूर्वक समाधान किया गया। अंत में विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में विद्यार्थी विज्ञान मंथन 2026–27 में प्रतिभाग करने का संकल्प लिया।यह अभिमुखीकरण कार्यशाला विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुचि, नवाचार की भावना तथा वैज्ञानिक सोच विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी पहल सिद्ध हुई।

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