घने कोहरे से यातायात बुरी तरह प्रभावित

अंबेडकर नगर घने कोहरे के चलते ठंड में काफी इजाफा हो गया है। जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। आमजनों के साथ ही पशु-पक्षी भी ठंड से परेशान हैं। कोहरे की चादर से पूरा शहर ढंका रहा। आलम यह है कि पास की चीजें भी स्पष्ट नहीं दिख रही है। सड़कों पर वाहनों के परिचालन पर भी असर पड़ रहा है। चालक गाड़ी का लाइट जलाकर सफर करने को विवश हैं।

सर्दी बढ़ने के साथ कोहरे ने बुद्धवार को शहर को आगोश में ले लिया। सुबह सात बजे तक तो शून्य दृश्यता बनी हुई थी एवं आसमान से हल्की ओंस की बूंदें टपकती महसूस हो रही थी। इसके बाद कोहरे का असर धीरे-धीरे कम होने लग गया एवं सुबह 11 बजे तक कोहरा छंट पाया। सूरज न निकलने से सर्दी मे राहत नहीं हुई। इस दौरान दिनभर लोग गर्म कपड़ों से लदे नजर आए।
कस्बे में मंगलवार को शाम से ही घना कोहरा छा जाने से वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसी प्रकार नेशनल हाइवे पर सुबह ही घना कोहरा छाने से वाहन चालकों को हैड लाइट का सहारा लेना पड़ा। बुद्धवार को सुबह 11बजे तक घना कोहरा छाया रहा।जिसके कारण लोगों की परेशानी बढ़ी हुई है। शाम ढलते ही लोग घरों में दुबकने को विवश हैं। वहीं सफर करने वाले यात्रियों को कई प्रकार की कठिनाईयां झेलनी पड़ रही है।कोहरेका असर तीन दिन से थमने का नाम नहीं ले रहा है। शहर सहित ग्रामीण अंचलों में भी कोहरे का असर बना हुआ है। दिन में शाम जैसा मौसम बना हुआ है। धूप नहीं निकलने से लोगों को दिन में भी राहत नहीं मिल पा रही है। वहीं गृहणियों को भी वातावरण में बनी नमी के कारण दैनिक कार्यों में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। रोजाना के कपड़े समय पर नहीं सूख पा रहे हैं।
कोहरे से हो रहे हादसे फिर भी यातायात विभाग सिर्फ शहर में छोटे वाहन चालकों के चालान बनाने तक ही सीमित रहता है सड़क किनारे भारी वाहन दिन-रात खड़े रहते हैं। लोग वाहनों में सुरक्षा उपकरण नहीं लगाते। यातायात पुलिस व प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं देता। जबकि इन दिनों सुबह व रात में ज्यादातर सड़क हादसे कोहरे व ओस की धुंध के कारण होते हैं।

सर्दी के मौसम और कोहरे से होने वाली दुर्घटना का सबसे ज्यादा जिम्मेदार वाहन मालिक और ड्राइवर होते हैं। जो कुछ रुपए बचाने के कारण सर्दी के समय सुरक्षा उपकरण जैसे फॉग लाइट, रेडियम स्ट्रिप और रिफ्लेक्टर लगवाने से परहेज करते हैं। इसके नहीं रहने से सड़कों पर कोहरा के कारण ड्राइवर की देखने की क्षमता कम हो जाती है। उसे सामने से आ रही ना गाड़ी दिखाई देती न ही सड़क पार कर रहे लोग। फिर भी अंदाज में वाहन चलाते हुए निकल जाते हैं। यातायात प्रभारी प्रदीप सिंह ने
सर्दी में सड़क दुर्घटना को कम करने के लिए वाहन चालकों को बताएं उपाय
वाहन के पीछे रिफ्लेक्टर जरूर लगाएं। वाहन के इंडिकेटर सही रहे। गाड़ी की हेड लाइट और टेल लाइट (पीछे वाली लालबत्ती) सही हों, ताकि पीछे से आने वाले वाहनों को नजर आए। तेज रफ्तार में वाहन न दौड़ाएं, खासकर हाईवे और बाईपास पर। बिना कारण हाईवे या बाईपास किनारे न खड़े हों, दूरी कम होने से किसी वाहन की टक्कर की संभावना अधिक रहती है। कोई आहट होने पर हॉर्न का प्रयोग जरूर करें।

रिपोर्ट-विमलेश विश्वकर्मा अम्बेडकर नगर।