उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय (दैनिक कर्मभूमि) लखनऊ,08 फरवरी 2021 युवाओं को रोजगार दिलाने में नाकाम उत्तर प्रदेश सरकार के मुखिया योगी आदित्यनाथ अपनी नाकामी छिपाने के लिए झूठ का सहारा लेने लगे हैं। एक तरफ प्रदेश के युवा नौकरी के लिए दर-दर भटक रहे हैं तो दूसरी तरफ सरकार विज्ञापनों के जरिए उन्हें रोजगार देने का ढिंढोरा पीट रही है। मुख्यमंत्री भी इसमें पीछे नहीं हैं। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में नियुक्तियों के संबंध में उनका झूठ एक आरटीआई के जरिए सामने आया है। ये बातें आम आदमी पार्टी के प्रदेश कार्यालय पर सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में छात्र विंग के प्रदेश अध्यक्ष वंशराज दुबे ने कहीं। उन्होंने कहा कि 2017 में 90 दिनों के अंदर प्रदेश भर में खाली सभी पदों को भरने की बात करके सत्ता में आई योगी सरकार ने रोजगार के मुद्दे पर नौजवानों के साथ सिर्फ छल करने का काम किया है। कभी योगी जी कहते हैं कि उत्तर प्रदेश में नौकरियां तो बहुत हैं, लेकिन यहां का नौजवान उसके लायक नहीं हैं। उत्तर प्रदेश के नौजवानों को नालायक समझने वाले आदित्यनाथ जी जरा यह बताएं कि सितंबर 2020 में ट्वीट करके 2017 से 2020 तक उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में 16708 पदों पर नियुक्तियां कर लेने का झूठ क्यों बोला। वंशराज दुबे ने कहा आपके झूठ का पर्दाफाश एक आरटीआई से हो चुका है। इसके जवाब में खुद आपकी सरकार ने बताया है कि 2017 से 2020 तक केवल 12387 पदों पर ही उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने भर्तियां निकालीं। ये सारी की सारी भर्तियां आज भी विभिन्न कारणों से लंबित चल रही हैं। वंशराज दुबे ने आरोप लगाया कि नौजवानों को धोखा देने के लिए सरकार ने आकड़े भी बढ़ाकर बताए। कहा प्रदेश के अन्य आयोगों की भर्तियों का भी यही हाल है। उत्तर प्रदेश का नौजवान इस सरकार में किस कदर ठगा गया, आरटीआई से मिली जानकारी इसका प्रमाण है। इस बात से यह सिद्ध होता है कि उत्तर प्रदेश का नौजवान होनहार और लायक है। उन्हें नालायक समझने वाली आदित्यनाथ सरकार खुद निकम्मी और नालायक है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में चाहे वह ग्राम पंचायत अधिकारी 2018 की भर्ती हो या गन्ना पर्यवेक्षक की। एग्रीकल्चर टेक्निकल असिस्टेंट की भर्ती हो या दरोगा और लेखपाल की भर्ती, नौजवान चयनित होकर अपनी नियुक्ति पत्र के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा है। नए विज्ञापन भी नहीं निकाले जा रहे हैं। वंशराज दुबे ने कहा राजधानी में जब 49568 पदों के लिए पीएसी और पुलिस के नौजवान अपनी मेडिकल कराने को लेकर आदित्यनाथ सरकार से गुहार लगाते हैं तो उनको लाठियों से पीटा जाता है और उठाकर इको गार्डन बंद कर दिया जाता है।उन्होंने कहा कि फर्जी आकड़े जारी करने वाली मुख्यमंत्री आदित्यनाथ की सरकार आखिर कौन सा मादक पदार्थ खाकर सरकार चला रही हैं।
रिपोर्टर सिद्धार्थ त्रिवेदी रायबरेली
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