उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय (दैनिक कर्मभूमि) चित्रकूट।विकास खंड पहाड़ी कार्यालय में लगभग 24 वर्षों से चित्रकूट में कुंडली मारकर बैठे लिपिक उर्दू अनुवादक तनवीर कुरैशी अधिकांश समय पहाड़ी विकासखंड में बिताया है।कनिष्ठ लिपिक द्वारा पूर्व में स्टोर इंचार्ज रहते हुए बड़े पैमाने पर कुर्सी मेज आदि को सामान गायब किया गया था। जांच के दौरान उर्दू अनुवादक को कुछ महीनों के लिए पहाड़ी विकासखंड से हटाकर अन्यत्र किया गया था तथा दोषी सिद्ध बाबू से वसूली एवं एफ आई आर के आदेश जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा पहाड़ी वीडियो को दिया गया था। मामले को दबा दिया गया।अधिकारियों द्वारा आरोपी लिपिक जुगाड़ पानी लगा कर पहाड़ी विकासखंड की पुनः कमान सौंप दी गई।विकासखंड में खंड विकास अधिकारी पहाड़ी आरोप सिद्ध बाबू को आम जनता की महत्वपूर्ण शिकायत पटल, प्रधानमंत्री अवास पटल, राज्य वित्त, क्षेत्र पंचायत एवं स्टोर की जिम्मेदारी देते हुए बड़े पैमाने पर 2 वर्षों में क्षेत्र पंचायत के कार्यों में मनमाने तरीके से टेंडर प्रक्रिया कराई गई है।आम जनता की शिकायतों को जैसे कि शासन की महत्वपूर्ण मुख्यमंत्री पोर्टल आईजीआरएस में फर्जी मनगढ़ंत आख्या लगाने में उक्त बाबू माहिर है। जांच अधिकारी द्वारा भी आंख मूंदकर हस्ताक्षर करते हुए निस्तारण कर दिया जाता है। बाबू एवं अधिकारियों के रवैया के चलते सही निस्तारण नहीं होने से गरीब आम जनता योगी सरकार एवं जिले में बैठे जनप्रतिनिधियों को कोस रही है।अगर समय रहते वक्त जिम्मेदार अधिकारी एवं बाबू को नहीं हटाया गया तो आम जनता का सरकार एवं प्रतिनिधियों से विश्वास उठता दिख रहा है। शासन की मंशा पर लगातार पानी फेरने का कार्य पहाड़ी विकासखंड में चल रहा है।क्षेत्र पंचायत से बड़े पैमाने पर प्रकाशित निविदा में अधिकांश काम पूर्व मे कराए जा चुके हैं।परंतु कागजी प्रक्रिया को पूर्ण करते हुये क्षेत्र पंचायत निधि से पूर्व में निर्माणाधीन घटिया टाइल्स एवं पेंट पुट्टी कार्य एवं नाली पाटन के नाम पर धन राशि निकासी का खेल चल रहा है।सूत्र यह भी बताते हैं कि अधिकारी बाबू से लेकर अन्य को 25 से 30 परसेंट तक कमीशन तय कर घटिया कार्यों का भुगतान किया जाता है।अब देखना है कि फर्जी तरीके से टेंडर प्रकाशन कर शासकीय धन की हड़पने की योजना बनाने वाले जिम्मेदारों के विरुद्ध जिलाधिकारी किस कदर कड़ी कार्यवाही करते हैं।फिर हाल बड़े पैमाने पर क्षेत्र पंचायत निधि से भुगतान कर मोटी रकम वसूलने का ताना बुना तैयार करने में लगे है।इस संबंध में जिला विकास अधिकारी चित्रकूट से बात की गई तो बताया चित्रकूट जिले में बाबुओं की कमी के कारण संबंधित पटल सौंपा गया हैं। खंड विकास अधिकारी विपिन सिंह को मोबाइल के माध्यम से पछ जानने का प्रयास किया गया तो मोबाइल रिसीव नहीं हुआ।
*ब्यूरो रिपोर्ट* अश्विनी कुमार श्रीवास्तव
*जनपद* चित्रकूट
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