उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय (दैनिक कर्मभूमि) लखनऊ,14 फरवरी 2021 केन्द्रीय कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य तथा आउट रीच एण्ड को-ऑर्डिनेशन कमेटी, उत्तर प्रदेश के प्रभारी प्रमोद तिवारी ने कहा है कि आज ही के दिन 14 फरवरी, 2019 को जम्मू काश्मीर के पुलवामा में केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल सीआरपरएफ के 40 जॉबॉज जवान पाकिस्तानी सेना द्वारा किये गये कायरना हमले में शहीद हो गये थे। मैं उन अमर शहीदों के विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूंॅ, मुझे उन शहीदों की शहादत पर गर्व है। मुझे दो बातें बहुत पीड़ा देती है कि आज उन अमर शहीदों की शहादत को 2 वर्ष बीत गये है किन्तु उनके परिवारजनों के जैसा साक्षात्कार आ रहे हैं कि उन्हें अभी तक न तो पेंशन अथवा पेट्रोल पम्प की सुविधा दी गयी है और न ही अन्य कोई आर्थिक सहायता प्रदान की गयी है, उनके परिवार द्वारा दिये गये साक्षात्कार बहुत ही पीड़ादायक और मन को झकझोर देने वाले हैं। श्री तिवारी ने कहा है कि आखिर इतना ‘‘टन’’ गोला-बारूद पाकिस्तान से कैसे आया? जवानों के अनुरोध के बावजूद भी उन्हें हवाई जहाज अथवा हेलीकाप्टर द्वारा क्यों नहीं ले जाया गया? शहीदों के परिवार के साक्षात्कार हर भारतीय के हृदय के लिये दुखदायक और मर्माहत करने वाले हैं। मैं उनके परिवार के दुःख को साझा करता हूंॅ और सरकार से मांग करता हूंॅ कि अगली बरसी तक शहीदों के परिवार को सभी सुविधायें मिल जानी चाहिए। श्री तिवारी ने कहा है कि आज अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 59.47 डॉलर प्रति बैरल है, और मुम्बई में पेट्रोल की कीमत रु. 95.21 प्रति लीटर, तथा दिल्ली में रु. 88.73 प्रति लीटर और लखनऊ में रु. 87.44 प्रति लीटर है, इसी प्रकार डीजल की कीमत मुम्बई में रु. 86.04 प्रति लीटर, दिल्ली में रु. 79.06 और लखनऊ में रु. 79.43 प्रति लीटर है। किन्तु कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के समय दुनिया की बाजार में कच्चे तेल की कीमत 140 डॉलर प्रति बैरल होने के बावजूद भी रु. 55 प्रति लीटर तक ही पेट्रोल की कीमत थी, और डीजल की कीमत रु. 50 प्रति लीटर से कम हुआ करती थी। लेकिन आज ‘‘मोदी सरकार’’ ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बेतहासा वृद्धि करके अडानी की जैसी कम्पनियों को लाभ पहुंॅचाने के लिये ऐसा कर रही है, और आम जनता की जेब पर डाका डाल रही है। डीजल की कीमत बढ़ाकर किसानों को और सामान्य उपभोक्ताओं की जेब पर सरकार द्वारा डाका डाला जा रहा है क्योंकि डीजल का प्रयोग ट्रक, ट््यूबवेल एवं ट्रैक्टर आदि में किया जाता है जिससे सिंचाई, माल की ढुलाई आदि महंगी हो जाती है, और पेट्रोल से सामान्य उपभोक्ता को परेशानी का सामना करना पड़ता है। यह आम जनता पर सरकारी सहयोग से ‘‘खुली लूट’’ है। श्री तिवारी ने कहा है कि मोदी सरकार द्वारा लाये गये तीनों ‘‘काले कृषि कानून’’ वापस होने चाहिए , अपनी मांगों को लेकर दिल्ली की सड़कों पर कड़कड़ाती ठण्ड में चलने वाला किसानों का आन्दोलन लगभग 200 किसानों का बलिदान ले चुका है, और मोदी सरकार अपने अहंकार और सत्ता के मद में चूर है उसे किसानां की तनिक भी परवाह नहीं है। श्री तिवारी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपना अहंकार छोंड़कर किसानों से सीधे वार्ता करनी चाहिए, और किसानों की मांगें मानना चाहिए, तथा इस काले कृषि कानून को तत्काल निरस्त करके एक ऐसा कानून लाना चाहिए जिससे देश का हित हो और किसानों का भी हित हो। श्री तिवारी ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी हमेशा किसानों के साथ खड़ी थी, खड़ी है और अंतिम क्षण तक किसानों के साथ खड़ी रहेगी। केन्द्रीय कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य के रूप में मेरा वायदा है कि केन्द्र में कांग्रेस की सरकार बनने पर 24 घण्टे के अन्दर तीनों ‘‘काले कृषि कानून’’ वापस लिये जायेंगे।
रिपोर्टर सिद्धार्थ त्रिवेदी रायबरेली
You must be logged in to post a comment.