विधानसभा में दी गई पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी व पूर्व राज्यपाल मोतीलाल वोरा को श्रद्धांजलि

उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय (दैनिक कर्मभूमि) लखनऊ,19 फरवरी 2021 उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र के दूसरे दिन भी काफी हंगामा के बाद भी शुक्रवार को विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहुंचे। उनके साथ सदन में मौजूद सभी ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के साथ उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल मोतीलाल वोरा को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान भी विधान परिषद में प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति को लेकर विपक्ष का हंगामा चलता रहा। सरकार अब 22 फरवरी को बजट पेश करेगी। प्रदेश में पहली बार पेपरलेस बजट पेश किया जाएगा। विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के साथ ही उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल मोतीलाल वोरा का निधन बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण हैं। इनका निधन भारतीय राजनीति के लिए अपूरर्णीय क्षति है। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय प्रणब मुखर्जी तथा मोतीलाल वोरा कांग्रेस के दिग्गज नेता थे। वोरा जी तो उत्तर प्रदेश में 26 मई 1993 से तीन मई 1996 तक राज्यपाल भी रहे। हम सभी को उनके काफी प्रेरणा मिलेगी। सभी को काफी कुछ सीखने को भी मिला है। इस अवसर पर सदन में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के साथ पूर्व राज्यपाल मोतीलाल वोरा को श्रद्धांजलि दी गई। इससे पहले 12 बजे के बाद विधान सभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने हंगामा कर दिया। विपक्ष ने विधान परिषद में कार्यकारी सभापति(प्रोटेम स्पीकर) को पद से हटाने के लिए नियम 143 के तहत नोटिस दिया है। समाजवादी पार्टी के राजपाल कश्यप व नरेश उत्तम पटेल ने नोटिस दिया। उधर कांग्रेस के दीपक सिंह ने कहा कि प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति में प्रदेश सरकार सरकार नियमों की अनदेखी कर रही है। बिना आम राय तथा सहमति के प्रोटेम स्पीकर को पद पर आसीन किया गया। यहां पर प्रदेश के 22 करोड़ लोगों के हित की चर्चा नहीं की गई। समाजवादी पार्टी से विधान परिषद के सदस्य सुनील सिंह ने कहा कि विधान परिषद में हमारी पार्टी का बहुमत है। इसको लेकर हमारी तरफ से प्रोटेम स्पीकर के खिलाफ अविश्वास है। प्रोटेम स्पीकर कैसे सदन चला सकते हैं। स्पीकर का चुनाव होना चाहिए। भाजपा के पास चुनाव के अलावा विकल्प नहीं है। उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र के दूसरे दिन भी विपक्ष का हंगामा जारी है। किसान के विरोध के पक्ष में विपक्षी दलों ने विधानसभा तथा विधान परिषद में हंगामा किया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी ने किसानों के प्रदर्शन के दौरान मृत लोगों को शहीद का दर्जा देने की मांग की। विधान भवन में शुक्रवार को बजट सत्र की कार्यवाही शुरू होते ही विधानसभा में हंगामा होने लगा। पहले तो कार्यवाही आधा घंटा के लिए स्थगित की गई। इसके बाद इसको आधा घंटा बढ़ाया गया। जब हंगामा बढ़ा तो विधान सभा को 12रू00 बजे तक नहीं चलाने का निर्णय लिया गया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष राम गोंविद चौधरी ने सदन में मांग की जो किसान इस आंदोलन में शहीद हुए है उन्हें सरकार शहीद का दर्जा दे। रामगोविंद चौधरी ने किसान आंदोलन को लेकर सरकार से मांग की। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन में जिनकी मौत हुई उन्हें शहीद का दर्जा दे। विधान परिषद में भी आज प्रोटेम स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग को लेकर विपक्ष के नेता वेल में आ गए। यहां पर नियम 143 के तहत विपक्ष ने विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद विधान परिषद कार्यवाही को 15 मिनट के लिए स्थगित कर दिया गया।

रिपोर्टर सिद्धार्थ त्रिवेदी रायबरेली