सचिव ने अपनी ही फर्म के नाम किया भुगतान, विकास कार्यों में लाखों की हेराफेरी

उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय (दैनिक कर्मभूमि) चित्रकूट- ग्राम पंचायतों के विकास को लेकर जहां सरकार लाखों रुपए का बजट देकर विकास कार्य करवा रही है वहीं दूसरी ओर ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों में ग्राम प्रधान और सचिव की मनमानी खूब देखने को मिल रही है जहां पर विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन का जमकर बंदरबांट किया गया है । मामला है कर्वी विकासखंड के ग्राम पंचायत पहरा का । आपको बतादे कि ग्राम पंचायत पहरा में विकास कार्यों के नाम पर जमकर लीपापोती की गई है जहां पर सचिव व ग्राम प्रधान की मिलीभगत से सरकारी धन का जमकर दुरुपयोग किया गया है ग्राम पंचायत में श्मशान घाट निर्माण, गौशाला निर्माण व इंटरलॉकिंग खड़ंजा निर्माण के नाम पर धांधली की गई है व मानक विहीन कार्य करा कर सरकारी धन का बंदरबांट किया गया है lसूत्रों के अनुसार पता चला है कि ग्राम पंचायत में श्मशान घाट में कोई कागज नहीं है ना ही एम बी हुई है लेकिन भुगतान हो गया है जिसमें लाखों का बजट स्वीकृत था ।

वही विद्यालयों के मरम्मती करण के नाम पर ग्राम प्रधान व सचिव की मनमानी खूब देखने को मिली है जहां पर घटिया सामग्री का उपयोग करते हुए कार्य कराया गया है वही इंटरलॉकिंग खड़ंजा निर्माण में मानक विहीन करा कर लाखों रुपए का बंदरबांट किया गया है ।
सबसे बड़ी सोचने वाली बात यह है कि ग्राम पंचायत में तैनात रहे सचिव द्वारा अपनी निजी फर्म के नाम पर सामग्री का भुगतान किया गया है व लाखों रुपए का बंदरबांट किया गया है ।
सचिव द्वारा अपनी निजी फर्म को लाभ पहुंचाने के लिए ग्राम पंचायत में कई ऐसे कार्य कराए गए हैं जिसमें घटिया सामग्री का उपयोग करते हुए निर्माण कार्य कराए गए हैं जो जांच का विषय है अब देखने वाली बात यह है कि ग्राम पंचायत के विकास का कार्यों में सरकारी धन का बंदरबांट करने वाले ग्राम प्रधान व सचिव के ऊपर जिला प्रशासन कब शिकंजा कसने का काम करेगा ।

*ब्यूरो रिपोर्ट* अश्विनी कुमार श्रीवास्तव
*जनपद* चित्रकूट