महिलाओं को मछली पालन के लिए 60 प्रतिशत तक अनुदान

उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय (दैनिक कर्मभूमि) फतेहपुर,26 फरवरी 2021 यदि महिलाएं अथवा छात्राएं मत्स्य पालन में अपना रोजगार स्थापित करना चाहती हैं तो उन्हें खर्च से डरने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि नीली क्रान्ति योजना के जरिये महिला मछली पालकों को तालाब बनाने के अनुदान के साथ ही मछली पालन का प्रशिक्षण भी दिया जाता है। उक्त जानकारी मत्स्य पालन विभाग के सहायक निदेशक आरडी प्रजापति ने दी। वे डॉ0 भीमराव आम्बेडकर राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय के इण्डस्ट्री एकेडमिआ कोलैबरेशन एण्ड स्किल डेवलपमेन्ट सेल द्वारा आयोजित एक दिवसीय वर्कशॉप में छात्राओं को मछली पालन के विषय में जानकारी दे रहे थे। उन्होंने यह भी बताया कि छात्राएं 0.2 हेक्टेयर के तालाब से मछली पालन की शुरूआत कर सकती हैं। इससे जो मछली पैदावार होगी वो उन्हें आर्थिक रूप से मजबूती प्रदान करेगी और वे स्टार्टअप के माध्यम से स्वरोजगार प्राप्त कर सकेंगी। उन्होंने यह भी बताया कि नीली क्रान्ति मिशन के अन्तर्गत तालाबों के बनवाने पर सरकार महिलाओं को 60 प्रतिशत तक अनुदान देती है जिससे महिलाओं को इस क्षेत्र में रोजगार प्राप्त करने में आसानी होगी।
इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय प्राचार्य डॉ0 अपर्णा मिश्रा ने कहा कि छात्राएं सजावटी मछली मालन से भी आय प्राप्त कर सकती हैं और अपने पैरों पर खड़ी हो सकती हैं। कार्यक्रम का संचालन करते हुए प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ0 प्रशान्त द्विवेदी ने कहा कि मत्स्य पालन बहुत अच्छा व्यवसाय है और भारत तथा प्रदेश सरकार द्वारा कृषि विविधीकरण परियोजना (डाप्स) द्वारा इस क्षेत्र में तमाम सम्भावनाएं उत्पन्न कर रही है। छात्राओं को अधिक से अधिक संख्या में न सिर्फ स्वयं इस रोजगार से जुड़ना चाहिए बल्कि अपने गाँव तथा परिवार में अन्य व्यक्तियों को भी इस व्यवसाय से जुड़ने के लिए प्रेरित करना चाहिए। प्रकोष्ठ के सदस्य डॉ0 अजय कुमार ने समस्त अतिथियों का स्वागत किया एवं डॉ0 शकुन्तला ने सबके प्रति अपना आभार प्रदर्शित किया।

रिपोर्टर सिद्धार्थ त्रिवेदी रायबरेली