राष्ट्रीय (दैनिक कर्मभूमि) अंबेडकर नगर
अंबेडकरनगर
उप स्वास्थ्य केंद्र बड़ागांव इब्राहिमपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र टांडा अंबेडकर नगर संस्थागत प्रसव कक्ष पानी के कारण कार्य बाधित,
सरकार के प्रयास के बाद भी अस्पतालों की सूरत नहीं बदल पा रही है। कहीं जर्जर तो कहीं किराये के भवन में अस्पताल संचालित हो रहे हैं। इब्राहिमपुर बड़ागांव स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र का जर्जर भवन इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है।
उप स्वास्थ्य केंद्र इब्राहिमपुर बड़ागांव का पुराना हो चुका जर्जर भवन बरसात में मरीजों के लिए समस्या बन गया है। पुरानी हो चुकी छतों से बरसात में पानी टपक रहा है। अस्पताल में प्रवेश करते ही परिसर की फर्श पर पानी मिलता है। प्रसव कक्ष, मरीजों का भर्ती कक्ष से लेकर बरामदे तक में पानी भरा है। लगातार पानी टपकने से मरीज व तीमारदार परेशान होते हैं। इस स्वास्थ्य केंद्र में 24 घण्टे मरीजों का इलाज कराने के लिए मरीजो का आना जाना लगा रहता है ।अस्पताल का भवन उपयोग के लायक नहीं रह गया है। मामले को संज्ञान में लाने के लिए सीएमओ को बार-बार पत्र लिखा जाता है पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती सभी पत्र रद्दी की टोकरी में फेंक दिया जाता है। स्वास्थ्यकर्मियों को जर्जर भवन से दुर्घटना का भय सताता रहता है। प्रसव कक्ष में पानी टपक रहा है। बेड पर पानी एकत्र होने से प्रसव के लिए आने वाले गरीब मरीजों को लौटा दिया जाता है। लगातार बारिश से समस्या बढ़ती ही जा रही है। फर्श पर पानी भरने से तीमारदार फिसल जाते हैं। भवन की मरम्मत कराने के लिए प्रस्ताव उच्चाधिकारियों को कई बार भेजे चुके हैं। पर अभी तक सब प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला गया है। गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए यहां से लौटा दिया जाता है।आखिर ऐसा अस्पताल रहने का क्या फायदा जब मरीजों को सुविधाएं ना दे सके।
इसी कारण बारिश में टपकने लगता है। अस्पताल सुविधाओं को भी तरस रहा है। मानक के अनुसार जो पोस्ट है वो मिलते नही कोविड-वैक्सीनेशन में ड्यूटी बताते है, मरीजों को रेफर करना पड़ता है। दैनिक कर्म भूमि न्यूज की पड़ताल में शनिवार को पाया गया कि यहां कई संसाधन यहां नहीं हैं। प्रसव कक्ष में प्रसव कक्ष की छत से पानी टपकता दिखाई पड़ा ।
रिपोर्ट -अरविंद कुमार राष्ट्रीय दैनिक कर्मभूमि टांडा अंबेडकर नगर
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