राख की वजह से छबड़ा थर्मल हो सकता है बंद: सिंघवी

राष्ट्रीय (दैनिक कर्मभूमि) छीपाबड़ौद उपखंड एवं तहसील मुख्यालय स्थित कस्बा क्षेत्र में विधायक आवास पर छबड़ा छीपाबड़ौद विधानसभा क्षेत्र के वर्तमान विधायक व पूर्व मंत्री प्रताप सिंह सिंघवी ने कहा कि छबड़ा थर्मल पॉवर प्लांट में सीमेंट कंपनियों द्वारा समय पर राख नहीं उठाने से छबड़ा थर्मल बन्द हो सकता है। उन्होंने कहा कि छबड़ा में दोनों प्लांटों की ऐशडाईक पूरी तरह भर चुकी है, जिससे कभी भी दुर्घटना हो सकती है इसके अतिरिक्त आस—पास के ग्रामीण क्षेत्र में प्रदूषण की वजह से बुरा हाल है। किसानों की खेती को भारी नुकसान हो रहा है इसकी वजह से ग्रामीण क्षेत्र में कई प्रकार की गंभीर बीमारियां फैल सकती है। अभी हाल ही में भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय के राष्ट्रीय हरीत अधिकरण ने कुटीर उद्योगों के लिए राख मुफ्त में देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही राख निशुल्क देने की परिधि 100 किमी से बढ़ाकर 300 किमी कर दी है। एनजीटी के आदेशानुसार कुटीर उद्योगों को मुफ्त में राख दी जाती थी, जो थर्मल प्रशासन ने आपसी मिली भगत व भ्रष्टाचार के कारण बंद कर दी है।विधायक प्रताप सिंह सिंघवी ने कहा कि एक तरफ सरकार कुटीर उद्योगों को बढ़ावा दे रही है वहीं दूसरी ओर थर्मल प्रशासन ने कुटीर उद्योगों को निशुल्क राख देना बंद कर दिया है ऐसे में कुटीर उद्योगों का जीवन यापन करना मुश्किल हो रहा है। वर्तमान में 355 रुपये प्रति मैट्रिक टन के हिसाब से राख उठाने का ठेका सीमेंट कंपनियों को दिया हुआ है, किंतु सीमेन्ट कंपनियां समय पर राख नहीं उठा रही है, जिससे 100 प्रतिशत राख ऐशडाइक में डालना पड़ रहा है और दोनों ऐशडाईक पूरी तरह भर चुकी है। थर्मल प्रशासन मात्र अपने चहेतों को लाभ पंहुचाने में लगा हुआ है। यदि यही हाल रहा तो राख की वजह से थर्मल को बंद करना पड़ सकता है।

संवाददाता कुलदीप सिंह सिरोहीया बारां छीपाबड़ौद