शिक्षणेत्तर संघ के प्रदेश अध्यक्ष ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक के समक्ष रखी समस्याएं

उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय (दैनिक कर्मभूमि) चित्रकूट। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षणेत्तर संघ के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार शर्मा ने बताया कि लखनऊ जाकर उन्होंने नवनियुक्त शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) उ०प्र० डॉ० सरिता तिवारी से मुलाकात कर प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों (लिपिक/चतुर्थ श्रेणी) की समस्याओं को उनके समक्ष रखा।

प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि संगठन की प्रमुख मांग शिक्षक पद पर पदोन्नति, अर्जित अवकाश का नकदीकरण, चिकित्सीय भत्ते की सुविधा व अन्य मांगों के साथ-साथ जनपद स्तर पर प्रत्येक 6 माह में होने वाली ए०सी०पी० की बैठकों के ना होने की समस्या को शिक्षा निदेशक महोदय के समक्ष रखा गया। उन्होंने शिक्षा निदेशक को बताया कि शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को 10, 16 एवं 26 वर्ष की सेवा पर ए०सी०पी० का लाभ अनुमन्य होता है। ए०सी०पी० की स्वीकृति जनपद स्तर पर गठित कमेटी की बैठक द्वारा किया जाता है जो प्रतिवर्ष जनवरी व जुलाई माह में होना चाहिए, परंतु यह ए०सी०पी० की बैठक जनपदीय अधिकारियों द्वारा समय पर नहीं की जाती हैं। यह बैठकें एक वर्ष या उससे भी अधिक समय में की जाती हैं। जिससे कर्मचारी परेशान होता है और ए०सी०पी० की स्वीकृति के पश्चात् वेतन अवशेष देयक का भुगतान जनपद स्तर पर ना कर निदेशालय भेजे जाते हैं, जहां पर सालों प्रकरण लंबित रहते हैं और कर्मचारियों का शोषण होता है। शिक्षणेत्तर संघ द्वारा सुझाव दिया गया कि मंडल स्तर पर एक समिति ऐसी गठित की जाए जो सभी जनपदों में ए०सी०पी० की बैठक समय पर कराने व वेतन अवशेष भुगतान की समीक्षा करें। शिक्षा निदेशक ने अपर शिक्षा निदेशक (मा०) को निर्देशित किया गया कि इस संबंध में सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों एवं जिला विद्यालय निरीक्षकों को पत्र निर्गत कर निर्देश जारी किए जाएं। वार्ता के पहले शिक्षणेत्तर संघ के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार शर्मा व महामंत्री संजय पुंडीर द्वारा शिक्षा निदेशक को संगठन की डायरी भेंट की गई और पदाधिकारियों का परिचय कराया गया। वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष व महामंत्री के अतिरिक्त प्रदेश कोषाध्यक्ष अनूप द्विवेदी एवं लखनऊ जनपद के उपाध्यक्ष अनूप सिंह मौजूद रहे।

संघ के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार शर्मा द्वारा सभी जनपदों के पदाधिकारियों से अपील की गई कि वह अपने जनपद की बैठकें करें एवं प्रभारी प्रदेश पदाधिकारियों के साथ जनपद के विद्यालयों का भ्रमण कर 21 मई से चल रहे ’‘‘कर्मचारी समस्या निवारण अभियान‘‘’ के अंतर्गत कर्मचारियों की समस्याएं प्राप्त करें और उसका निस्तारण कराएं प्रदेश स्तर की समस्याएं अगले प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में रखें जिससे किसी भी कर्मचारी की कोई भी समस्या शेष ना रह जाए।

 

*ब्यूरो रिपोर्ट* अश्विनी कुमार श्रीवास्तव

*जनपद* चित्रकूट